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पूर्वी वन क्षेत्र में वन्यजीव तस्करों पर कड़ा प्रहार, अजय टोप्पो के नेतृत्व में लगातार छापामारी से मचा हड़कंप

#बरवाडीह #वन्यजीव_संरक्षण : पूर्वी वन क्षेत्र में सक्रिय तस्करों पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा मजबूत।

लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी वन क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने सख्त अभियान तेज कर दिया है। पूर्वी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय टोप्पो के नेतृत्व में लगातार छापामारी और गश्ती के जरिए तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है। हाल के दिनों में कई तस्करों की गिरफ्तारी और तस्करी से जुड़े सामान की बरामदगी से वन अपराधियों में भय का माहौल बना है। यह अभियान क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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  • पूर्वी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय टोप्पो के नेतृत्व में अभियान तेज।
  • अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी पर कड़ी कार्रवाई।
  • संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्ती और निगरानी व्यवस्था।
  • छापामारी में जाल, उपकरण और संदिग्ध सामग्री बरामद।
  • कई तस्कर गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में भेजे गए।

लातेहार जिले का बरवाडीह क्षेत्र वन्यजीव संपदा और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इसी क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने अब निर्णायक कदम उठाना शुरू कर दिया है। पूर्वी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय टोप्पो के सशक्त नेतृत्व में विभाग द्वारा चलाया जा रहा अभियान न केवल तस्करों के लिए चेतावनी बन गया है, बल्कि आम नागरिकों के बीच सुरक्षा और भरोसे की भावना भी मजबूत कर रहा है।

अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ सख्त रणनीति

वन विभाग ने पूर्वी वन क्षेत्र में अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों की खरीद–फरोख्त और संगठित तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत जंगल के भीतर और आसपास के इलाकों में नियमित गश्ती बढ़ाई गई है। साथ ही, संवेदनशील और तस्करी के लिहाज से संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।

वन विभाग की टीम खुफिया सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई कर रही है, जिससे अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिल पा रहा है।

छापामारी में तस्करी से जुड़े सामान बरामद

हाल के दिनों में की गई छापामारी के दौरान वन विभाग को तस्करी में प्रयुक्त कई उपकरण, जाल और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि तस्कर वन्यजीवों को पकड़ने और उनके अंगों की तस्करी के लिए संगठित तरीके से काम कर रहे थे।

वन विभाग की सक्रियता के चलते इन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है। कई मामलों में तस्करों को रंगे हाथों पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जिससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।

वन क्षेत्र में गश्ती व्यवस्था को किया गया सुदृढ़

पूर्वी वन क्षेत्र में गश्ती व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। दिन के साथ-साथ रात्रि गश्ती पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि तस्कर अंधेरे का फायदा न उठा सकें। वनरक्षकों और अन्य कर्मियों की तैनाती संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई है।

इस सघन गश्ती का सकारात्मक असर यह हुआ है कि तस्करों की गतिविधियां सीमित हुई हैं और कई इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित मानी जा रही है।

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अजय टोप्पो का सख्त संदेश

पूर्वी वन क्षेत्र पदाधिकारी अजय टोप्पो ने साफ शब्दों में कहा है कि वन्यजीव संरक्षण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दो टूक कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

अजय टोप्पो ने कहा:

“वन्यजीवों का संरक्षण हमारी पहली जिम्मेदारी है। अवैध शिकार और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि विभाग अब केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर अपराधियों को चिन्हित कर उन्हें कानून के दायरे में लाने पर पूरा जोर देगा।

आमजन से सहयोग की अपील

वन विभाग ने इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अजय टोप्पो ने कहा कि यदि किसी को वन्यजीव अपराध, अवैध शिकार या तस्करी से जुड़ी कोई भी सूचना मिले, तो वह तुरंत विभाग को जानकारी दें।

स्थानीय लोगों के सहयोग से न केवल तस्करों तक जल्दी पहुंचा जा सकता है, बल्कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

स्थानीय लोगों में बढ़ा भरोसा

वन विभाग की लगातार कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों और जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों में भरोसे की भावना मजबूत हुई है। लोगों का मानना है कि विभाग की सख्ती से अब वन क्षेत्र पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हो रहा है।

कई ग्रामीणों ने कहा कि पहले तस्करों की आवाजाही से भय का माहौल रहता था, लेकिन अब वन विभाग की सक्रियता से स्थिति में सुधार आया है।

जैव विविधता संरक्षण की दिशा में अहम कदम

लगातार चल रहे इस अभियान से क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिली है। वन्यजीवों का सुरक्षित रहना न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह एक बड़ी जिम्मेदारी है।

वन विभाग की यह पहल बताती है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

न्यूज़ देखो: वन्यजीव संरक्षण में निर्णायक मोड़

पूर्वी वन क्षेत्र में चल रहा यह अभियान दिखाता है कि वन विभाग अब केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि रोकथाम की नीति पर काम कर रहा है। अजय टोप्पो के नेतृत्व में की जा रही कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह भी जरूरी है कि इस अभियान की निरंतरता बनी रहे। क्या तस्करी के पूरे नेटवर्क तक विभाग पहुंच पाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जंगल बचें, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा

वन्यजीव केवल जंगल की शोभा नहीं, बल्कि जीवन के संतुलन का आधार हैं।
उनकी सुरक्षा हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
यदि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।
जंगल सुरक्षित रहेंगे, तभी पर्यावरण और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।

इस खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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