
#दिल्ली #कांग्रेस_रणनीति : आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस ने झारखंड संगठन को जमीनी स्तर पर आक्रामक बनाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
आगामी चुनावों की तैयारी को लेकर कांग्रेस ने झारखंड में संगठनात्मक मजबूती पर विशेष फोकस शुरू कर दिया है। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में झारखंड के कांग्रेस विधायकों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में संगठन को गांव, टोला और बूथ स्तर तक सक्रिय करने तथा भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनसंघर्ष तेज करने की रणनीति तय की गई। इस बैठक को झारखंड कांग्रेस के लिए निर्णायक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
- केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में दिल्ली में झारखंड कांग्रेस विधायकों की अहम बैठक।
- झारखंड में संगठन को जमीनी और आक्रामक बनाने का स्पष्ट निर्देश।
- प्रदेश प्रभारी के. राजू ने संगठन और चुनावी स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट रखी।
- विधायक भूषण बाड़ा ने संगठनात्मक सक्रियता और जनसंघर्ष पर जोर दिया।
- युवाओं, महिलाओं और सोशल मीडिया को मजबूत करने पर विशेष फोकस।
आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रही है। इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली में झारखंड कांग्रेस के विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक न केवल संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए थी, बल्कि आने वाले महीनों में कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और रणनीति तय करने के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
केसी वेणुगोपाल का सख्त संदेश
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने झारखंड कांग्रेस के नेताओं को स्पष्ट और दो टूक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि संगठन को कागजी गतिविधियों से निकालकर जमीन पर उतारा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच रहें, उनके मुद्दों को मजबूती से उठाएं और भाजपा की नीतियों को सीधे चुनौती दें।
केसी वेणुगोपाल ने कहा:
“आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी लाना अनिवार्य है। कांग्रेस को संघर्ष की राजनीति को और धार देनी होगी और जनता के साथ खड़े रहकर विपक्ष की नाकामियों को उजागर करना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि केवल चुनाव के समय सक्रिय होने की संस्कृति से बाहर निकलकर निरंतर जनसंपर्क और आंदोलन की राजनीति को मजबूत करना होगा।
प्रदेश प्रभारी के. राजू की विस्तृत रिपोर्ट
बैठक में झारखंड प्रदेश प्रभारी के. राजू ने संगठन की वर्तमान स्थिति, विपक्षी दलों की रणनीति और आगामी चुनावी परिदृश्य को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस के लिए अवसर मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अवसर में बदलने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना जरूरी है।
के. राजू ने कहा:
“अब समय आ गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता हर गांव, हर टोला और हर बूथ पर सक्रिय होकर जनता के सवालों को मजबूती से उठाएं। केवल शीर्ष स्तर की राजनीति से काम नहीं चलेगा।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भाजपा की नीतियों से जनता में असंतोष बढ़ रहा है, जिसे कांग्रेस को सुनियोजित तरीके से जन आंदोलन में बदलना होगा।
भूषण बाड़ा ने रखी बेबाक राय
बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने संगठन की मजबूती को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता आज भी कांग्रेस की विचारधारा पर भरोसा करती है, लेकिन इस भरोसे को संगठित ताकत में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है।
भूषण बाड़ा ने कहा:
“संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाना और निष्क्रियता पर लगाम लगाना अब अनिवार्य हो चुका है। जनसंघर्ष को प्राथमिकता दिए बिना हम जनता का विश्वास मजबूत नहीं कर सकते।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आदिवासी, दलित, किसान और मजदूर वर्ग आज महंगाई, बेरोजगारी और अधिकारों के हनन से त्रस्त है और कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो इन वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठा सकती है।
गांव-गांव तक संगठन विस्तार का सुझाव
विधायक भूषण बाड़ा ने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि केवल जिला या प्रखंड स्तर पर बैठकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर पंचायत और हर बूथ तक कांग्रेस की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर आंदोलन और संवाद की रणनीति बनाई जानी चाहिए, ताकि जनता सीधे तौर पर कांग्रेस से जुड़ सके।
अन्य विधायकों ने भी रखे विचार
बैठक में विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, विधायक राजेश कच्छप, विधायक सोना राम सिंकु, विधायक सुरेश बैठा समेत अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति से नेतृत्व को अवगत कराया। सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि भाजपा की नीतियों से जनता में नाराज़गी बढ़ रही है।
विधायकों का कहना था कि इस नाराज़गी को केवल बयानबाजी तक सीमित न रखते हुए इसे संगठित जन आंदोलन में बदलने की आवश्यकता है।
युवाओं, महिलाओं और सोशल मीडिया पर फोकस
बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं की भागीदारी, महिला संगठन को सक्रिय करने और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। नेताओं ने माना कि आने वाले चुनावों में युवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका निर्णायक होगी।
इसलिए संगठनात्मक ढांचे में युवा नेतृत्व को आगे लाने, महिला कार्यकर्ताओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने और सोशल मीडिया के माध्यम से जन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति पर सहमति बनी।
झारखंड कांग्रेस के लिए अहम मोड़
दिल्ली में हुई यह बैठक झारखंड कांग्रेस के लिए एक अहम मोड़ के रूप में देखी जा रही है। नेतृत्व स्तर से मिले स्पष्ट निर्देश और विधायकों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि पार्टी अब संगठनात्मक सुस्ती को तोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
न्यूज़ देखो: संगठनात्मक सख्ती से ही मिलेगी कांग्रेस को धार
दिल्ली बैठक से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अब झारखंड में केवल प्रतिक्रियात्मक राजनीति नहीं करना चाहती। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, निष्क्रियता पर लगाम लगाने और जनसंघर्ष को प्राथमिकता देने का संदेश स्पष्ट है। सवाल यह है कि क्या यह रणनीति जमीन पर उतरेगी और कितनी तेजी से? आने वाले महीने इसकी दिशा तय करेंगे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संघर्ष से संगठन, संगठन से बदलाव की राह
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