
#पलामू #सड़क_सुरक्षा : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में अनोखे अंदाज से लोगों को किया गया जागरूक।
मेदिनीनगर के छमुहान चौक पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत सड़क सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से हुए इस अभियान में लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व का संदेश दिया गया। अनोखे प्रतीकात्मक तरीकों से आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति सचेत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना रहा।
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत छमुहान चौक पर जागरूकता कार्यक्रम।
- जिला परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट का संयुक्त आयोजन।
- हेलमेट पहनने वालों को गुलाब देकर सम्मानित किया गया।
- बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों को फूलमाला पहनाकर प्रतीकात्मक संदेश।
- कई लोगों ने भविष्य में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की शपथ ली।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के छमुहान चौक पर शनिवार को एक प्रभावी और अलग अंदाज का सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और सामाजिक संस्था वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। व्यस्ततम चौराहे पर आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार व्यवहार को प्रेरित करना था।
अनोखे अंदाज में दिया गया सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जागरूकता के लिए पारंपरिक समझाइश के बजाय प्रतीकात्मक और भावनात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले लोगों को गुलाब देकर सम्मानित किया गया और उन्हें सुरक्षित व्यवहार के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे सड़क पर मौजूद अन्य लोग भी प्रभावित हुए और उन्होंने भी नियमों का पालन करने की बात कही।
फूलमाला से चेतावनी और आत्मचिंतन
जो लोग बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे थे, उन्हें फूलमाला पहनाई गई। इस दौरान उन्हें यह संदेश दिया गया कि यदि आज सावधानी नहीं बरती गई तो यही माला जल्द ही उनकी तस्वीर पर चढ़ सकती है। इस भावनात्मक संदेश ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कई राहगीरों और वाहन चालकों ने इस पहल की सराहना की।
लोगों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आगे से हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की शपथ ली। कुछ लोगों ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि वे अक्सर लापरवाही करते हैं, लेकिन इस अभियान ने उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना था कि केवल एक महीने नहीं, बल्कि पूरे साल नियमित रूप से चेकिंग और जागरूकता अभियान चलना चाहिए, ताकि लोग नियमों को गंभीरता से लें।
सामाजिक संस्था की भूमिका पर जोर
वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने इस अवसर पर स्पष्ट रूप से कहा कि संस्था लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक आम जनता स्वयं नियमों को मानने के लिए तैयार नहीं होगी, तब तक किसी भी अभियान को पूर्ण सफलता नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि किसी की जान की जिम्मेदारी अंततः उसी व्यक्ति की होती है। सामाजिक संगठन और प्रशासन केवल सावधान कर सकते हैं, अंतिम फैसला व्यक्ति को खुद लेना होता है।
प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जिला परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अधिकारियों ने लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी और बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट न केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि जीवन रक्षक उपाय भी है।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
उपस्थित अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता
इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला परिवहन विभाग से अली जी, ट्रैफिक प्रभारी स्कूल कुमार दूबे जी उपस्थित रहे। वहीं वरदान चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शर्मिला वर्मा, रानू सिन्हा, अंकिता वर्मा और रिया सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर आमजन से संवाद किया और सड़क सुरक्षा के महत्व को सरल भाषा में समझाया।
सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती समझ
छमुहान चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम से यह साफ दिखा कि जब जागरूकता को रचनात्मक और मानवीय तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा होता है। कई लोगों ने मौके पर ही हेलमेट पहनने की बात कही और कुछ ने तुरंत अपने वाहन से हेलमेट मंगवाकर पहन लिया। यह इस अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण रहा।



न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही घटेंगी सड़क दुर्घटनाएं
छमुहान चौक पर हुआ यह अभियान बताता है कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं अपना दायित्व निभा रही हैं, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब आम नागरिक खुद अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे। क्या हम रोजमर्रा की जल्दबाजी में अपनी जान को दांव पर लगाना बंद करेंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित चलें, जिम्मेदारी निभाएं
सड़क पर हर नियम आपकी सुरक्षा के लिए है। एक हेलमेट और एक सीट बेल्ट किसी परिवार को उजड़ने से बचा सकती है।
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