
#गढ़वा #बजट_प्रतिक्रिया : शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को गति देने वाला संतुलित और दूरदर्शी बजट।
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गढ़वा के जिला संयोजक शुभम तिवारी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ जन-आकांक्षाओं की पूर्ति पर केंद्रित है। शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और युवाओं के अवसरों को मजबूत करने वाला यह बजट समावेशी विकास की दिशा में अहम कदम है। बजट हर वर्ग को साथ लेकर चलने की स्पष्ट मंशा को दर्शाता है।
- आर्थिक विकास में तेजी और समावेशी विकास पर केंद्रित बजट।
- शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान।
- महिलाओं, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर।
- रोजगार सृजन और MSMEs को गति देने वाले उपाय।
- मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और टूरिज्म पर संतुलित फोकस।
देश के आर्थिक भविष्य को दिशा देने वाले इस बजट को लेकर गढ़वा जिले में भी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) गढ़वा के जिला संयोजक शुभम तिवारी ने बजट को समावेशी, दूरदर्शी और जनहितैषी बताते हुए कहा कि यह दस्तावेज केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि हर परिवार, हर समुदाय और हर वर्ग के सपनों को साकार करने का रोडमैप है। उनके अनुसार यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार और अवसरों के नए द्वार खोलने वाला है।
आर्थिक विकास और जन-आकांक्षाओं का संतुलन
शुभम तिवारी ने कहा कि प्रस्तुत बजट आर्थिक विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें संसाधनों का ऐसा संतुलित आवंटन किया गया है, जिससे विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बजट का फोकस केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गांव, हर कस्बे और हर शहर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास इसमें दिखाई देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जन-आकांक्षाओं की पूर्ति तभी संभव है, जब योजनाएं जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हों। इस बजट में संसाधन, सुविधाएं और अवसर सुनिश्चित करने की स्पष्ट सोच दिखती है, जो समावेशी विकास की बुनियाद है।
शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल
बजट में शिक्षा को लेकर किए गए प्रावधानों को शुभम तिवारी ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार होती है और इस बजट में शिक्षा को प्राथमिकता देकर भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी ज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद मिलेगी।
गरीबों के उत्थान और महिला सशक्तिकरण पर जोर
शुभम तिवारी ने कहा कि यह बजट गरीबों के उत्थान और महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रावधानों से समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने से उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।
किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
बजट में किसानों की समृद्धि को लेकर किए गए उपायों को भी शुभम तिवारी ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सहायता देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गांवों में संसाधन और अवसर बढ़ने से पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए साधन विकसित होंगे।
युवाओं के लिए अवसर और रोजगार सृजन
शुभम तिवारी के अनुसार यह बजट युवाओं के लिए अवसरों का बजट है। शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप और रोजगार सृजन से जुड़े प्रावधान युवाओं को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में भी अवसर पैदा करना है।
उन्होंने विशेष रूप से MSMEs को गति देने वाले प्रावधानों की सराहना की। उनके अनुसार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग रोजगार सृजन की सबसे बड़ी क्षमता रखते हैं और इन्हें समर्थन मिलने से लाखों युवाओं को काम मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग से टूरिज्म तक संतुलित विकास
शुभम तिवारी ने कहा कि बजट में मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य से लेकर टूरिज्म तक हर क्षेत्र को संतुलित रूप से शामिल किया गया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को बहुआयामी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से न केवल आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचेगा। वहीं टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
समावेशी भारत की ओर बढ़ता कदम
अंत में शुभम तिवारी ने कहा कि यह बजट हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला है। युवाओं, महिलाओं और किसानों के सपनों को शक्ति देकर यह बजट भारत की इकोनॉमी और रोजगार को नई गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो इसका सकारात्मक असर देश के हर हिस्से में देखने को मिलेगा।
न्यूज़ देखो: विकास की सोच और दिशा
बजट पर आई यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि शिक्षा, रोजगार और समावेशी विकास को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में उम्मीदें बढ़ी हैं। अब चुनौती योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की है। क्या ये प्रावधान अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाएंगे, यह आने वाला समय बताएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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