कोडरमा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सब-इंस्पेक्टर, एसीबी ने 15 हजार रुपये घूस के साथ किया गिरफ्तार

कोडरमा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सब-इंस्पेक्टर, एसीबी ने 15 हजार रुपये घूस के साथ किया गिरफ्तार

author News देखो Team
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#कोडरमा #भ्रष्टाचार_कार्रवाई : चंदवारा थाना के सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार को एसीबी हजारीबाग ने रिश्वत लेते पकड़ा।

झारखंड के कोडरमा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। चंदवारा थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोप है कि अवैध शराब बरामदगी के एक मामले को कमजोर करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया।

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  • चंदवारा थाना के सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार को एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा।
  • 15 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
  • अवैध शराब बरामदगी के मामले में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप।
  • कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो हजारीबाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की।
  • शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को पकड़ा।

झारखंड के कोडरमा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हजारीबाग एसीबी की टीम ने गुरुवार को चंदवारा थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार को 15 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल देखी जा रही है।

अवैध शराब मामले को कमजोर करने के नाम पर मांगी गई रिश्वत

मामले की जानकारी के अनुसार, चंदवारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब बरामदगी से जुड़े एक मामले में आरोपितों पर कार्रवाई चल रही थी। आरोप है कि इस मामले को रफा-दफा करने या कमजोर करने के लिए कांड के अभियुक्त से रिश्वत की मांग की गई थी।

बताया गया कि इस मामले में आरोपी सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार ने कुल एक लाख रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये देने का समय तय किया गया।

एसीबी ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो हजारीबाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की। गुरुवार को जैसे ही तय योजना के अनुसार आरोपी को 15 हजार रुपये दिए गए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सब-इंस्पेक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया में जुट गई।

विधायक के पास पहुंची थी शिकायत

इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब आरोपितों ने अपनी शिकायत लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया। बताया गया कि कांड के कुछ आरोपित झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो के पास पहुंचे थे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि उनसे केस को कमजोर करने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

नेता प्रेम नायक ने दी एसीबी को सूचना

इस मामले को लेकर जेएलकेएम के नेता प्रेम नायक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि विधायक जयराम महतो के निर्देश पर उन्होंने इस मामले में मदद करने की कोशिश की।

प्रेम नायक ने कहा: “जब हमने मामले के अनुसंधानकर्ता सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार से बातचीत की, तो उन्होंने एक लाख रुपये की मांग की। इसके बाद हमने इसकी सूचना एसीबी हजारीबाग को दी।”

इसके बाद एसीबी ने पूरी योजना तैयार की और रिश्वत की पहली किस्त देने के दौरान आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एसीबी की टीम अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।

न्यूज़ देखो: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश

कोडरमा में हुई यह कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो। हालांकि यह भी जरूरी है कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जाए, ताकि आम लोगों का भरोसा कायम रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

ईमानदारी ही व्यवस्था की असली ताकत

समाज और प्रशासन दोनों की मजबूती ईमानदारी और पारदर्शिता पर ही टिकी होती है। जब भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है, तो यह पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी और सुधार का अवसर बनती है।

जरूरी है कि लोग भी ऐसे मामलों में डरने के बजाय अपनी आवाज उठाएं और सही संस्थाओं तक शिकायत पहुंचाएं। जागरूक नागरिक ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे मजबूत ताकत बन सकते हैं।

आप इस खबर पर क्या सोचते हैं, अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिल सके।

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