
#सिमडेगा #सड़क_दुर्घटना : शादी समारोह में जा रहे लोगों से भरा टेम्पू अनियंत्रित होकर पलटा, ग्रामीणों ने बचाई घायलों की जान
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत घुटबाहर के पास एक टेम्पू के पलट जाने से अफरातफरी मच गई। वाहन में सवार सात लोग शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। दुर्घटना में छह लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ। ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।
- घुटबाहर के पास अनियंत्रित होकर पलटा टेम्पू, सात लोग थे सवार।
- पतिअंबा से शादी समारोह में जा रहे थे सभी यात्री।
- दुर्घटना में छह लोग हल्के घायल, एक की हालत गंभीर।
- स्थानीय ग्रामीणों ने दिखायी मानवता और तत्परता, घायलों को निकाला।
- सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल सिमडेगा पहुंचाया गया।
सिमडेगा/जलडेगा। जलडेगा प्रखंड के घुटबाहर के पास गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे लोगों से भरा एक टेम्पू अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के समय वाहन में कुल सात लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं आसपास मौजूद ग्रामीणों की तत्परता और सहयोग से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री पतिअंबा से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान घुटबाहर के समीप अचानक वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और टेम्पू सड़क किनारे पलट गया। वाहन के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
हादसे में सात सवार घायल, एक की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में टेम्पू पर सवार सातों लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि छह लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर चोट लगी है और उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेम्पू के पलटने के बाद कुछ यात्री वाहन के नीचे फंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते राहत कार्य नहीं किया जाता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।
ग्रामीणों की तत्परता से बची कई जानें
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। किसी ने पानी की व्यवस्था की तो किसी ने वाहन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की पहल की।
ग्रामीणों की सजगता और सामूहिक प्रयास के कारण सभी घायलों को शीघ्रता से सदर अस्पताल सिमडेगा पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार और असंतुलित वाहन चलने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इस बार ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
सामाजिक संगठनों ने भी निभाई जिम्मेदारी
घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री कृष्णा शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि सभी को समय पर उचित उपचार मिल सके।
उनकी पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की और कहा कि ऐसे समय में सामाजिक संगठनों की सक्रियता से पीड़ित परिवारों को काफी सहारा मिलता है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर अक्सर छोटे यात्री वाहन ओवरलोड होकर चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
साथ ही सड़क की स्थिति, वाहन की गति और चालक की सतर्कता जैसे कारक भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की कमी और नियमित निगरानी का अभाव भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा देता है। ऐसे में प्रशासन को समय-समय पर वाहन जांच अभियान चलाने और सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
प्रशासन से बेहतर सुरक्षा उपाय की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं तथा सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
इसके अलावा छोटे यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने पर सख्त कार्रवाई करने की भी जरूरत बताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में अक्सर लोग जल्दबाजी में यात्रा करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षित यात्रा और वाहन की तकनीकी स्थिति पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण सजगता बनी जीवनरक्षक
घुटबाहर के पास हुई यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ग्रामीण तत्परता दोनों की अहमियत को उजागर करती है। जहां एक ओर हादसे ने चिंता बढ़ाई, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की त्वरित मदद ने कई जिंदगियां बचा लीं। सामुदायिक सहयोग ऐसे समय में सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी
सड़क पर सावधानी ही जीवन की सुरक्षा है।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से हमेशा बचें।
आपकी एक छोटी सतर्कता बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है।
सुरक्षित यात्रा करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएं।
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