#पलामू #हत्याकांड : अवैध संबंध, सुपारी किलिंग और साक्ष्य मिटाने की साजिश में पति, प्रेमिका और रिश्तेदार शामिल
- प्रियंका देवी का शव 2 जनवरी को तुकबेरा के डरौना गांव से बरामद।
- पति रंजीत मेहता और प्रेमिका ने कोर्ट में किया सरेंडर।
- हत्या के लिए अपराधियों को दी गई सुपारी।
- प्रेमिका ने पहले खुदवाया गड्ढा, फिर मिटवाए साक्ष्य।
- पुलिस को दो दिन का अतिरिक्त रिमांड मिला।
पलामू जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र से जुड़े प्रियंका देवी हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। एक साथ चल रही कई प्रेम कहानियों, आपसी धोखे और अवैध संबंधों की यह कहानी आखिरकार एक महिला की निर्मम हत्या पर जाकर खत्म हुई। पुलिस जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी हैं।
दफन शव से खुला हत्याकांड का राज
दिनांक 2 जनवरी 2026 को पलामू पुलिस ने नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा स्थित डरौना गांव से एक महिला का दफनाया हुआ शव बाहर निकाला। शव की पहचान प्रियंका देवी के रूप में हुई। प्रियंका देवी के लापता होने की शिकायत उसके मायके पक्ष द्वारा पहले ही बिश्रामपुर थाना में दर्ज कराई गई थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने यह बड़ा खुलासा किया।
पति और प्रेमिका मुख्य आरोपी
जांच में सामने आया कि प्रियंका देवी की हत्या का मुख्य आरोपी उसका पति रंजीत मेहता है, जो बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के भूखला गांव का रहने वाला है। हत्या की साजिश में उसकी प्रेमिका, एक करीबी रिश्तेदार और दो पेशेवर अपराधी भी शामिल थे। हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया और ऊपर से जेसीबी से मिट्टी भरवा दी गई ताकि किसी को शक न हो।
एक साथ चल रही थीं कई प्रेम कहानियां
बिश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि इस हत्याकांड में एक साथ कई प्रेम संबंध चल रहे थे, जिनकी कड़ियां आपस में जुड़ी हुई थीं। पति रंजीत मेहता का अवैध संबंध उसकी प्रेमिका से था, जबकि उसी प्रेमिका का संबंध रंजीत के एक रिश्तेदार से भी सामने आया है। इन जटिल रिश्तों और आपसी धोखे ने इस जघन्य अपराध को जन्म दिया।
सुपारी देकर कराई गई हत्या
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रियंका देवी की हत्या के लिए दो अपराधियों को सुपारी दी गई थी। योजना के तहत पहले से ही शव छिपाने की तैयारी कर ली गई थी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए पूरी रणनीति बनाई गई, जिसमें कई लोग शामिल थे।
प्रेमिका ने खुदवाया था गड्ढा
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जिस गड्ढे से प्रियंका देवी का शव बरामद हुआ, उसे 22 दिसंबर 2025 को रंजीत मेहता की प्रेमिका ने खुदवाया था। हत्या के बाद 28 दिसंबर 2025 को उसी गड्ढे को भरवा दिया गया। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए एक कुत्ते को मारकर उसी स्थान पर दफनाया गया, ताकि किसी को मानव शव होने का शक न हो।
26 दिसंबर को हुई थी लापता
प्रियंका देवी की शादी वर्ष 2019 में रंजीत मेहता के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था। 26 दिसंबर 2025 को प्रियंका देवी अचानक लापता हो गई, जिसके बाद उसके मायके वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और गोपनीय सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
रिमांड पर पूछताछ जारी
घटना के बाद रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिका ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने पहले रंजीत मेहता को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। अब पुलिस को रंजीत मेहता के दो दिन का अतिरिक्त रिमांड मिला है, वहीं उसकी प्रेमिका को भी रिमांड पर लेने की अनुमति मिल गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
न्यूज़ देखो: अवैध संबंध बना हत्या की वजह
प्रियंका देवी हत्याकांड यह दिखाता है कि जब रिश्तों में विश्वास टूटता है और लालच व धोखा हावी हो जाता है, तो अंजाम कितना भयावह हो सकता है। पुलिस की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों के गिरते स्तर की तस्वीर है। ऐसे मामलों पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं और इस खबर को साझा कर लोगों को सचेत करें।





