
#कोलेबिरा #धार्मिक_आयोजन : बरवाडीह चौक स्थित माँ दुर्गा मंदिर में कलश यात्रा के साथ यज्ञ सह कीर्तन प्रारंभ हुआ।
कोलेबिरा प्रखंड के बरवाडीह चौक स्थित माँ दुर्गा मंदिर परिसर में तीन दिवसीय यज्ञ सह अखंड हरी कीर्तन का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। सैकड़ों महिलाओं की सहभागिता में निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कलश स्थापना कर धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
- माँ दुर्गा मंदिर, बरवाडीह चौक से भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ।
- बूढ़ा महादेव मंदिर डैम तट से पवित्र जल भरकर निकाली गई यात्रा।
- भोला पंडा यज्ञ के यजमान, पत्नी के साथ रहे उपस्थित।
- पुरोहित शिवोपती मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना।
- 23 जनवरी से अखंड हरी कीर्तन, 24 जनवरी को भंडारा व नगर भ्रमण।
कोलेबिरा प्रखंड क्षेत्र में धार्मिक आस्था और परंपरा का भव्य उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब बरवाडीह चौक स्थित माँ दुर्गा मंदिर परिसर में तीन दिवसीय यज्ञ सह अखंड हरी कीर्तन कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे आयोजन में उत्साह, भक्ति और अनुशासन का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक चेतना को मजबूत करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना बताया गया।
भव्य कलश यात्रा से हुआ कार्यक्रम का आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर से निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर बूढ़ा महादेव मंदिर स्थित डैम तट तक पहुंचीं। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर कलश यात्रा को आगे बढ़ाया गया। श्रद्धालुओं के “जय माता दी” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
वैदिक विधि से कलश स्थापना और पूजा-अर्चना
डैम तट से लौटकर सभी कलश यात्री यज्ञ स्थल पहुंचे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश स्थापना कार्यक्रम संपन्न हुआ। यज्ञ के यजमान भोला पंडा अपनी पत्नी के साथ पूरे अनुष्ठान में सम्मिलित रहे। पुरोहित शिवोपती मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। कलश स्थापना के पश्चात यज्ञ और कीर्तन की औपचारिक शुरुआत की गई।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के बीच भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। आयोजन समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय
आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 जनवरी को प्रातः अखंड हरी कीर्तन प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों से कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। वहीं 24 जनवरी को भंडारे के समापन के साथ नगर भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता अपेक्षित है।
आयोजन समिति और सहयोगियों का रहा अहम योगदान
इस भव्य कलश यात्रा एवं धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के शिवपति मिश्रा, जीतन प्रसाद, जितेंद्र तिवारी, जयराम कुमार, संदीप कुमार, रामनिवास सिंह, चंदन सिंह, जीतू ठाकुर, मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की सभी माता-बहनें, हेमंत कुमार, चंदा कुमार, भोला साहू, भोला पंडित, राहुल कुमार सहित सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित रूप मिला।
न्यूज़ देखो: धार्मिक परंपरा से मजबूत होती सामाजिक एकता
कोलेबिरा में आयोजित यह यज्ञ और अखंड हरी कीर्तन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय परंपराएं सुदृढ़ होती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आयोजन में जनभागीदारी यह दर्शाती है कि समाज आज भी सामूहिक आस्था और सहयोग के मूल्यों को महत्व देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ सहभागिता ही समाज की असली शक्ति
धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी परंपराओं को जीवित रखते हैं और सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण करते हैं







