
#डुमरी #सड़क_दुर्घटना : शादी समारोह से लौटते समय टेंपो पलटने से एक युवती की मौत हुई।
डुमरी थाना क्षेत्र के चिड़रा नदी के समीप सोमवार देर रात एक टेंपो पलटने से 23 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग बहडा टोली गांव में आयोजित शादी समारोह से लौट रहे थे। घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
- सोमवार रात लगभग 10:30 बजे चिड़रा नदी के पास हादसा।
- प्रियंजली मिंज (23 वर्ष) की टेंपो के नीचे दबने से मौत।
- साक्षी टोप्पो (16 वर्ष) के बाएं पैर में गंभीर चोट।
- निमंती एक्का (38 वर्ष) के माथे और कमर में चोट।
- सभी पीड़ित मन्दिरिया गांव के निवासी बताए गए।
डुमरी थाना क्षेत्र में सोमवार की देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। शादी समारोह से लौट रहे लोगों का टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार बहडा टोली गांव में एक शादी समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में शामिल होने के बाद सभी लोग टेंपो में सवार होकर मन्दिरिया गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सोमवार रात्रि लगभग 10:30 बजे जब टेंपो चिड़रा नदी पार कर चढ़ना के पास पहुंचा, तो वाहन अचानक पीछे की ओर जाने लगा। चालक द्वारा समय रहते संतुलन नहीं बना पाने के कारण टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। रात का समय और सड़क की स्थिति भी दुर्घटना की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
हादसे में युवती की मौत, दो लोग घायल
इस हादसे में टेंपो में सवार प्रियंजली मिंज (23 वर्ष), पिता स्वर्गीय सलीम मिंज, निवासी बड़ा कटरा, टेंपो के नीचे दब गईं। उन्हें गंभीर अवस्था में आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी लाया गया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद केरकेट्टा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं दुर्घटना में साक्षी टोप्पो (16 वर्ष), पिता लौंगस टोप्पो, के बाएं पैर में गंभीर चोट लगी है। इसके अलावा निमंती एक्का (38 वर्ष), पति आभास एक्का, के माथे और कमर में चोटें आई हैं। दोनों घायल मन्दिरिया गांव के निवासी हैं और उनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
अस्पताल में उपचार और डॉक्टर का बयान
घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सा टीम ने त्वरित उपचार शुरू किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद केरकेट्टा ने कहा:
“प्रियंजली मिंज को गंभीर अवस्था में लाया गया था, जांच के बाद उन्हें मृत घोषित किया गया। अन्य दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है।”
स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय डॉक्टरों और स्टाफ की तत्परता से घायलों को समय पर इलाज मिल सका।
परिजनों में कोहराम, गांव में शोक
हादसे की सूचना मिलते ही मृतका प्रियंजली मिंज के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि प्रियंजली नर्सिंग की पढ़ाई की तैयारी कर रही थीं और उनका करियर लगभग अंतिम चरण में था। परिवार को उनसे भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं, जो इस हादसे के साथ ही टूट गईं। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से लोगों की जान बचाई जा सके।
न्यूज़ देखो: लापरवाही और कमजोर व्यवस्था की कीमत
यह हादसा ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा की कमजोर स्थिति को एक बार फिर उजागर करता है। खुशी के माहौल से लौट रहे लोगों की जान जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। प्रशासन को चाहिए कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर ठोस कदम उठाए और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दे। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग ऐसी लापरवाह व्यवस्थाओं की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक हादसा जो चेतावनी बन गया
सड़क दुर्घटनाएं केवल एक खबर नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का अंत होती हैं। समय रहते जागरूकता और जिम्मेदारी से ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अगर आप भी मानते हैं कि सड़क सुरक्षा पर ठोस कदम जरूरी हैं, तो अपनी राय जरूर साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, ताकि जागरूकता फैले और किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।





