
#देवघर #रेल_हादसा : रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक पर ट्रेन की टक्कर से ट्रक और बाइक चपेट में आए।
देवघर जिले के जसीडीह क्षेत्र में 22 जनवरी 2026 की सुबह रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक पर ट्रेन और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में ट्रक बेकाबू होकर एक बाइक पर पलट गया, जिससे कई लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। दुर्घटना के कारण रेल और सड़क यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
- रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक, जसीडीह पर सुबह 9:30 बजे हादसा।
- हावड़ा जसीडीह मुख्य रेल मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रेन से ट्रक की टक्कर।
- टक्कर के बाद ट्रक बाइक पर पलटा, दो लोग गंभीर रूप से घायल।
- कोई जानमाल की हानि नहीं, घायलों का इलाज जारी।
- आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे टीम ने मौके पर संभाला मोर्चा।
देवघर जिले के जसीडीह इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। रोहिणी नावाडीह रेलवे फाटक पर ट्रेन और ट्रक की टक्कर ने कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। हालांकि समय रहते ट्रेन चालक द्वारा इमरजेंसी ब्रेक लगाए जाने से बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सड़क पर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे ने एक बार फिर रेलवे फाटकों की सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हावड़ा जसीडीह मुख्य रेल मार्ग पर चल रही एक तेज रफ्तार ट्रेन जैसे ही रोहिणी नावाडीह फाटक के पास पहुंची, उसी दौरान एक ट्रक रेलवे ट्रैक पार करने लगा। बताया जा रहा है कि या तो फाटक पूरी तरह बंद नहीं था या सड़क पर जाम की स्थिति के कारण ट्रक ट्रैक पर फंस गया। इसी बीच ट्रेन पहुंच गई और टक्कर हो गई।
टक्कर के बाद मची अफरा तफरी
ट्रेन की टक्कर से ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। झटके से ट्रक संतुलन खो बैठा और पास से गुजर रही एक बाइक पर पलट गया। बाइक पर सवार दो लोग ट्रक के नीचे दब गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।
घायलों की स्थिति
हादसे में घायल बाइक सवार दो व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन फिलहाल खतरे से बाहर हैं। अन्य मामूली रूप से घायल लोगों को भी प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई।
ट्रेन चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इससे ट्रेन की रफ्तार कुछ हद तक कम हो गई और बड़ा हादसा टल गया। यदि ट्रेन पूरी गति में होती, तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
रेल और सड़क यातायात पर असर
हादसे के बाद कुछ समय के लिए रेल और सड़क दोनों मार्ग बाधित हो गए। टक्कर के कारण ट्रैक पर मलबा फैल गया, जिससे ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा। सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रक और अन्य मलबा हटाया गया। बाद में अप लाइन को बहाल कर दिया गया, जबकि सड़क यातायात भी धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फाटक पर पहले भी कई बार जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन चुकी है। समय पर फाटक बंद न होने या समन्वय की कमी के कारण ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से फाटक पर स्थायी समाधान और अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
बार-बार क्यों होते हैं ऐसे हादसे
रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाएं अक्सर मानवीय चूक, तकनीकी खराबी या यातायात दबाव के कारण होती हैं। जसीडीह जैसे व्यस्त क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
न्यूज़ देखो: रेलवे फाटकों की सुरक्षा पर फिर सवाल
जसीडीह का यह हादसा बताता है कि रेलवे फाटकों पर समन्वय और सतर्कता की कितनी जरूरत है। समय रहते ट्रेन चालक की सूझबूझ ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया, लेकिन अव्यवस्था की कीमत आम लोगों को चोट के रूप में चुकानी पड़ी। अब रेलवे और प्रशासन को फाटक प्रबंधन को और मजबूत करना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सावधानी ही सुरक्षा है, एक चूक भारी पड़ सकती है
रेलवे फाटक केवल लोहे की पटरी नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु की सीमा होते हैं।
थोड़ी सी जल्दबाजी कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है।
जरूरी है कि हम नियमों का पालन करें और प्रशासन भी सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
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