
#पाकुड़ #सड़क_हादसा : गुम्मा मोड़ के पास ब्रेक फेल होने से सड़क किनारे पलटा बालू लदा ट्रक।
पाकुड़–दुमका सीमा पर गुम्मा मोड़ के पास रविवार को बालू से लदा एक ट्रक अचानक पलट गया। हादसे में चालक और उपचालक बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि ट्रक का ब्रेक अचानक फेल हो गया, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सड़क किनारे पलट गया।
- घटना पाकुड़–दुमका सीमा के गुम्मा मोड़ के पास हुई।
- ट्रक में नदी से लोड किया गया बालू पश्चिम बंगाल के धुलियान ले जाया जा रहा था।
- ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया।
- चालक मोहम्मद जियारूल (पश्चिम बंगाल निवासी) और उपचालक कूदकर सुरक्षित बच गए।
- हादसे में ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार ट्रक दुमका जिले की एक नदी से बालू लोड कर पश्चिम बंगाल के धुलियान जा रहा था। काठीकुंड होते हुए पाकुड़ की ओर जाते समय गुम्मा मोड़ के पास अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया।
चालक और उपचालक ने कूदकर बचाई जान
ट्रक चालक मोहम्मद जियारूल ने बताया कि जब स्थिति बिगड़ने लगी तो उन्होंने और उपचालक ने तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन ट्रक को काफी नुकसान हुआ है।
चालक ने बताया: “ब्रेक फेल होने के बाद ट्रक नियंत्रण से बाहर हो गया था, इसलिए जान बचाने के लिए हमें कूदना पड़ा।”
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर चलने वाले ओवरलोड बालू ट्रकों की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि भारी और ओवरलोड ट्रकों के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
न्यूज़ देखो: ओवरलोडिंग से बढ़ रहा हादसों का खतरा
पाकुड़–दुमका मार्ग पर लगातार बालू लदे ट्रकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और सख्त निगरानी से ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित परिवहन के लिए जरूरी सावधानी
भारी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और सुरक्षित ड्राइविंग से सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन और वाहन चालकों दोनों को इस दिशा में सतर्क रहना होगा।


