#डण्डई #सिल्वरजुबली #सेवा_उत्सव : शादी की 25वीं वर्षगांठ पर दंपति ने गृह प्रवेश के साथ वस्त्र वितरण कर पेश की मिसाल।
गढ़वा जिले के डण्डई प्रखंड में समाजसेवी मिथिलेश प्रसाद और क्षेत्रीय बीडीसी शीला देवी ने अपनी शादी की 25वीं वर्षगांठ को सेवा उत्सव के रूप में मनाया। गृह प्रवेश के साथ सैकड़ों बुजुर्गों के बीच साड़ी और अंग वस्त्र का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
- मिथिलेश प्रसाद और बीडीसी शीला देवी की 25वीं वर्षगांठ पर सेवा उत्सव।
- नए आवास में विधि-विधान से गृह प्रवेश और पूजा-अर्चना।
- सैकड़ों बुजुर्गों को साड़ी, शॉल और गमछा भेंट कर सम्मान।
- उप प्रमुख प्रतिनिधि रामाशीष प्रसाद सहित कई गणमान्य रहे उपस्थित।
- कार्यक्रम के समापन पर विशाल सामूहिक भोज का आयोजन।
गढ़वा जिले के डण्डई प्रखंड में 26 फरवरी 2026 को एक अनूठा और प्रेरणादायी आयोजन देखने को मिला। क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी मिथिलेश प्रसाद एवं क्षेत्रीय बीडीसी श्रीमती शीला देवी ने अपनी शादी की 25वीं वर्षगांठ को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाजसेवा के अवसर में बदल दिया।
दंपति ने अपने नवनिर्मित आवास में गृह प्रवेश के साथ-साथ क्षेत्र के बुजुर्गों और जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण कर मानवता और सेवा का संदेश दिया।
गृह प्रवेश और ईश वंदना से शुरुआत
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना और गृह प्रवेश के साथ हुई। परिवारजनों और अतिथियों की उपस्थिति में दंपति ने ईश्वर का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों और मेहमानों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। मिथिलेश प्रसाद ने भावुक शब्दों में कहा:
यह नया घर और 25 वर्षों का सुखद वैवाहिक सफर हमारे बड़ों के आशीर्वाद का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि जीवन की हर उपलब्धि समाज और परिवार के सहयोग से ही संभव होती है।
सालगिरह को बनाया सेवा उत्सव
अपनी शादी की सिल्वर जुबली को ‘सेवा उत्सव’ के रूप में मनाते हुए मिथिलेश प्रसाद और बीडीसी शीला देवी ने क्षेत्र के सैकड़ों बुजुर्गों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया।
दंपति ने स्वयं प्रत्येक बुजुर्ग के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और उन्हें ससम्मान साड़ी एवं अंग वस्त्र जैसे शॉल और गमछा भेंट किए।
वस्त्र पाकर बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे। कई बुजुर्गों ने दंपति को अखंड सौभाग्य, दीर्घायु और सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। पूरे कार्यक्रम में भावनात्मक और आत्मीय माहौल देखने को मिला।
गणमान्य जनों की रही उपस्थिति
इस गरिमामयी आयोजन में उप प्रमुख प्रतिनिधि रामाशीष प्रसाद, अंकित कुमार, शौरभ कुमार, पूर्व विधायक प्रतिनिधि दिनेश राम, आशीष राणा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध जन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों ने दंपति की सराहना करते हुए कहा कि अपनी व्यक्तिगत खुशी के मौके पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना ही सच्ची समाजसेवा है।
उन्होंने इस पहल को अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।
सामूहिक भोज में दिखा अपनापन
कार्यक्रम के समापन पर एक विशाल सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इसमें बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों ने बड़े ही प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
भोज के दौरान आपसी मेलजोल और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता को बढ़ावा देते हैं।
क्षेत्र में हो रही सराहना
डण्डई प्रखंड में इस आयोजन की व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिथिलेश प्रसाद और शीला देवी ने यह साबित कर दिया कि खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब उन्हें समाज के साथ साझा किया जाए।
सिल्वर जुबली को सेवा के साथ जोड़कर दंपति ने सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
न्यूज़ देखो: जब उत्सव बने सेवा का माध्यम
डण्डई का यह आयोजन दिखाता है कि निजी खुशियों को भी समाजसेवा से जोड़ा जा सकता है। सिल्वर जुबली जैसे अवसर को जरूरतमंदों के सम्मान में बदल देना एक सकारात्मक संदेश है। यदि हर परिवार अपनी खुशियों का एक हिस्सा समाज के लिए समर्पित करे, तो बदलाव की राह आसान हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खुशियां बांटने से बढ़ती हैं
जीवन के खास अवसरों को समाज के साथ साझा करें।
बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है।
सेवा का छोटा कदम भी बड़ी प्रेरणा बन सकता है।
आइए, हम भी अपनी खुशियों में दूसरों को शामिल करें।
इस प्रेरक खबर को साझा करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं।