कुटमू चौक में महिला समूह की अनोखी पहल, भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए शुरू हुई पनशाला सेवा

कुटमू चौक में महिला समूह की अनोखी पहल, भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए शुरू हुई पनशाला सेवा

author Akram Ansari
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#बरवाडीह #पनशाला_सेवा : महिला स्वयं सहायता समूह ने राहगीरों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने की पहल की।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत कुटमू चौक में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा राहगीरों के लिए पनशाला की शुरुआत की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर यह जनसेवा कार्य शुरू किया गया है। मुख्य मार्ग किनारे पुराने पंचायत भवन के पास लोगों के लिए ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला समूहों की इस पहल को स्थानीय लोगों ने गर्मी में राहत पहुंचाने वाला सराहनीय कदम बताया।

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  • कुटमू चौक में महिला समूह द्वारा पनशाला सेवा की शुरुआत की गई।
  • राहगीरों के लिए मिट्टी के घड़ों में ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया।
  • जिला प्रशासन के निर्देश पर भीषण गर्मी को देखते हुए शुरू हुई पहल।
  • कार्यक्रम में सीएलएफ अध्यक्ष पुनम कुमारी सहित कई महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
  • जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
  • स्थानीय लोगों ने महिला समूह की सामाजिक पहल की सराहना की।

बरवाडीह प्रखंड के बेतला पंचायत अंतर्गत प्रसिद्ध कुटमू चौक में बुधवार को सामाजिक सेवा और मानवता की मिसाल देखने को मिली। पुराने पंचायत भवन के समीप मुख्य मार्ग किनारे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पनशाला (पेयजल सेवा केंद्र) का शुभारंभ किया गया। बढ़ती गर्मी और तेज धूप के बीच यह पहल राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत लेकर आई है।

पनशाला में मिट्टी के घड़ों में ठंडा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है, ताकि मुख्य मार्ग से गुजरने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। स्थानीय लोगों ने महिला समूहों के इस प्रयास को जनहित में बेहद उपयोगी बताया।

भीषण गर्मी में राहत देने की पहल

लातेहार जिले में लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़क पर निकलने वाले राहगीरों के लिए पेयजल की समस्या गंभीर बन जाती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर महिला स्वयं सहायता समूह ने पनशाला शुरू करने का निर्णय लिया।

मुख्य सड़क किनारे शुरू की गई यह सेवा यात्रियों, वाहन चालकों और ग्रामीणों के लिए राहत का केंद्र बन गई है। लोगों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज में सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करती है।

महिला समूहों ने निभाई सक्रिय भूमिका

इस जनसेवा कार्य में सीएलएफ अध्यक्ष पुनम कुमारी, सचिव फातमा बीबी, सामुदायिक समन्वयक राजकुमार यादव, पुष्पा कडुलना, एमसीएम सुरेन्द्र परहिया तथा आशा आजीविका महिला संकुल स्तरीय प्राथमिक स्वावलंबी सहकारी लिमिटेड एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।

मिट्टी के घड़ों में ठंडा पानी बना आकर्षण

पनशाला में मिट्टी के घड़ों के माध्यम से ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया गया है। गर्मी में राहगीरों को प्राकृतिक तरीके से ठंडा पानी मिलने से लोगों ने खुशी जताई।

महिला समूह की सदस्य रिना देवी, चांदो देवी, आरती देवी, तारा खातून, प्रभा देवी सहित कई महिलाओं ने पनशाला संचालन में अपनी भूमिका निभाई। महिलाओं ने कहा कि समाज सेवा के उद्देश्य से यह कार्य शुरू किया गया है और आगे भी लोगों की मदद के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

कुटमू चौक से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने महिला समूह की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि भीषण गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध कराना किसी बड़ी सेवा से कम नहीं है।

ग्रामीणों ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह अब सिर्फ आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी मजबूती से निभा रहे हैं। इससे समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को भी नई पहचान मिल रही है।

समाज सेवा और जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है और हर व्यक्ति को पानी बचाने की दिशा में योगदान देना चाहिए।

इस पहल ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास और सामाजिक जिम्मेदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

न्यूज़ देखो: महिला समूहों की पहल बनी सामाजिक प्रेरणा

कुटमू चौक में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा शुरू की गई पनशाला सिर्फ पेयजल सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए महिलाओं द्वारा उठाया गया यह कदम समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। महिला समूह आज आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहे हैं। प्रशासन और समाज को ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, ताकि जनहित से जुड़े कार्यों का दायरा और बढ़ सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

#सेवाहीसंस्कार : समाजहित के कार्यों में बढ़ाएं अपनी भागीदारी

भीषण गर्मी में एक घूंट ठंडा पानी किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
कुटमू चौक की महिलाओं ने यह साबित किया है कि सेवा भावना ही समाज की असली ताकत है।
छोटे-छोटे सामाजिक प्रयास भी लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
यदि हर गांव और मोहल्ले में लोग इस तरह की पहल करें, तो समाज और अधिक संवेदनशील बन सकता है।

आप भी अपने आसपास जनहित के कार्यों में सहयोग करें।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत बनाएं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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