
#बगोदर #महेंद्रसिंहशहादत_दिवस : अंबेडकर टोला में ग्रामवासियों और कार्यकर्ताओं ने शहादत दिवस को गरिमामय बनाने की योजना बनाई।
बगोदर प्रखंड के बनपुरा गांव स्थित अंबेडकर टोला में महेंद्र सिंह के आगामी शहादत दिवस की तैयारी को लेकर ग्राम सभा आयोजित की गई। ग्राम सभा का नेतृत्व भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य हरेन्द्र सिंह ने किया। सभा में कार्यक्रम की रूपरेखा, जनभागीदारी और आयोजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने शहादत दिवस को सफल और गरिमामय बनाने का संकल्प लिया।
- बनपुरा गांव के अंबेडकर टोला में ग्राम सभा का आयोजन।
- सभा का नेतृत्व हरेन्द्र सिंह, भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य ने किया।
- शहादत दिवस की रूपरेखा, आयोजन और जनभागीदारी पर चर्चा।
- वक्ताओं ने महेंद्र सिंह के संघर्ष और बलिदान को प्रेरणास्रोत बताया।
- ग्राम सभा में गांगो दास, सुरेश दास, अजित दास, लालू सिंह, प्रदीप दास, रूपलाल दास सहित अधिक संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित।
ग्राम सभा में उपस्थित लोगों ने शहादत दिवस को गरिमामय बनाने के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तय की और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र सिंह के जीवन और बलिदान को याद करना आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
ग्राम सभा में विचार-विमर्श और योजना
सभा में आयोजन की तैयारियों, सामाजिक संदेश और जनसहभागिता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई। सभी उपस्थित ग्रामीण और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर शहादत दिवस को सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी तय किया कि कार्यक्रम में युवा और बुजुर्ग सभी का समावेश सुनिश्चित किया जाएगा।
सामाजिक और प्रेरणादायक संदेश
वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र सिंह के संघर्ष और बलिदान को याद करना न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता, अनुशासन और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने का माध्यम भी है।
न्यूज़ देखो: शहादत दिवस आयोजन में सामुदायिक सहभागिता
बनपुरा गांव की ग्राम सभा यह दर्शाती है कि ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय हैं। महेंद्र सिंह के शहादत दिवस का आयोजन ग्रामीण समुदाय को प्रेरित करने और एकजुटता दिखाने का अवसर प्रदान करता है।
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सामाजिक एकता और प्रेरणा के लिए सक्रिय रहें
महेंद्र सिंह जैसे महान व्यक्तियों के बलिदान और संघर्ष को याद करना समाज में जिम्मेदारी और चेतना बढ़ाता है।
सभी ग्रामीण और समाजिक कार्यकर्ता मिलकर शहादत दिवस को सफल बनाएं, इसे साझा करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बनाएं।





