
#सिमडेगा #गुडफ्राइडे_आस्था : क्रूस यात्रा झांकी और प्रार्थना से श्रद्धालु भावविभोर हुए।
सिमडेगा जिले के पाकरडांड़ प्रखंड स्थित काड़ामूखा क्रूस टोंगरी में गुड फ्राइडे से पूर्व श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के दुखभोग और क्रूस मरण का स्मरण किया। इस अवसर पर युवाओं ने जीवंत झांकी प्रस्तुत कर धार्मिक संदेश दिया। फादर पीटर मिंज के नेतृत्व में विशेष प्रार्थना आयोजित हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी शामिल हुए।
- काड़ामूखा क्रूस टोंगरी, पाकरडांड़ प्रखंड में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ।
- स्थानीय युवाओं ने यीशु मसीह के दुखभोग की जीवंत झांकी प्रस्तुत की।
- फादर पीटर मिंज के नेतृत्व में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना हुई।
- अजय एक्का, जिला परिषद सदस्य ने स्थल की आध्यात्मिक महत्ता बताई।
- फादर रंजीत डुंगडुंग, फादर राजेश केरकेट्टा, फादर दीपक सहित कई धर्मगुरु उपस्थित रहे।
- सैकड़ों मसीही श्रद्धालुओं की भागीदारी से कार्यक्रम भव्य बना।
सिमडेगा जिले के पाकरडांड़ प्रखंड अंतर्गत काड़ामूखा क्रूस टोंगरी में गुड फ्राइडे से पूर्व शुक्रवार को एक विशेष धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह के क्रूस मरण और उनके दुखभोग का भावपूर्ण स्मरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण देखने को मिला।
जीवंत झांकी ने भावविभोर किया श्रद्धालुओं को
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण स्थानीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत की गई जीवंत झांकी रही, जिसमें प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और क्रूस यात्रा को दर्शाया गया। इस झांकी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया और सभी ने गहरी आस्था के साथ इस प्रस्तुति को देखा।
झांकी के माध्यम से युवाओं ने न केवल धार्मिक संदेश दिया, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को त्याग, प्रेम और सेवा की भावना का महत्व भी समझाया।
क्रूस की आराधना और विशेष प्रार्थना
इस अवसर पर क्रूस की विशेष आराधना की गई। कार्यक्रम का संचालन फादर पीटर मिंज के नेतृत्व में हुआ, जहां सिमडेगा जिले सहित पूरे विश्व में शांति, प्रेम और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई।
फादर पीटर मिंज ने कहा: “प्रभु यीशु मसीह का जीवन हमें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देता है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”
जनप्रतिनिधियों ने बताई स्थल की महत्ता
कार्यक्रम में ठेठईटांगर पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य अजय एक्का भी शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए इस स्थल की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
अजय एक्का ने कहा: “यह स्थान आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और निस्संदेह यहां ईश्वर का निवास है। पूर्वजों द्वारा इस स्थल का चयन इसकी पवित्रता को दर्शाता है, इसलिए इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं की रही व्यापक भागीदारी
इस धार्मिक आयोजन में खंजालोया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर रंजीत डुंगडुंग, लचरागढ़ भिखारिएट के डीन फादर राजेश केरकेट्टा, फादर दीपक सहित कई धर्मगुरु उपस्थित रहे।
साथ ही सैकड़ों की संख्या में मसीही श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और सामूहिक रूप से प्रार्थना कर आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया।
पूरे क्षेत्र में बना श्रद्धा और एकता का माहौल
पूरे आयोजन के दौरान काड़ामूखा क्रूस टोंगरी क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कार्यक्रम में भाग लिया और धार्मिक परंपराओं का पालन किया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश भी फैलाया।
न्यूज़ देखो: आस्था और विरासत के संरक्षण का मजबूत संदेश
काड़ामूखा क्रूस टोंगरी में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि धार्मिक आस्था आज भी लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को समझ रही है और उसे आगे बढ़ा रही है। साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा संरक्षण की बात यह दर्शाती है कि ऐसे स्थलों को सुरक्षित रखना समय की मांग है। अब सवाल यह है कि इस स्थल को और विकसित एवं संरक्षित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ विरासत को सहेजें और समाज में प्रेम का संदेश फैलाएं
धार्मिक स्थल और परंपराएं हमारी पहचान और संस्कृति का आधार होती हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।






