
#रामगढ़ #नववर्ष_आस्था : वर्ष के पहले दिन छिन्नमस्तिका धाम में देशभर से पहुंचे श्रद्धालु।
नववर्ष 2026 के पहले दिन रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह मंदिर के पट खुलते ही पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो दिनभर जारी रहा। झारखंड सहित कई राज्यों से पहुंचे भक्तों को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। आस्था के साथ-साथ श्रद्धालु दामोदर और भैरवी नदी के संगम तट पर पिकनिक मनाते भी नजर आए।
- मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में नववर्ष के पहले दिन भारी भीड़।
- सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ पूजा-अर्चना और आरती।
- झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं की आमद।
- दामोदर-भैरवी संगम पर पिकनिक मनाते दिखे श्रद्धालु।
- पुलिस प्रशासन व मंदिर न्यास समिति ने किए कड़े सुरक्षा इंतजाम।
- मंदिर परिसर और नदी तट पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ स्थलों में शुमार मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बुधवार को वर्ष के पहले दिन अहले सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। सुबह 4:00 बजे मंदिर का पट खुलते ही सर्वप्रथम मां की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कराई गई, जिसके बाद दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
मंदिर परिसर में दिनभर “जय मां छिन्नमस्तिका” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं में नववर्ष के पहले दिन माता के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई भक्त परिवार और मित्रों के साथ लंबी दूरी तय कर रजरप्पा पहुंचे।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, दिखा व्यापक जनसमूह
नववर्ष के अवसर पर मां छिन्नमस्तिका के दरबार में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ीं।
श्रद्धालुओं ने माता से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई भक्तों ने बताया कि नववर्ष की शुरुआत मां के दर्शन से करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पूजा के बाद संगम तट पर पिकनिक का आनंद
मां छिन्नमस्तिका मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे क्षेत्र में स्थित है, जहां दामोदर और भैरवी नदी का संगम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। पूजा-अर्चना के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट और आसपास के पिकनिक स्पॉट पर परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताते नजर आए।
प्रकृति की गोद में बसे इन स्थानों पर नववर्ष का उत्साह साफ दिखाई दिया। हालांकि प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे सतर्क रहने की भी अपील की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और संगम तट पर पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी सुबोध पंडा ने कहा:
“सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त माता की पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर न्यास समिति और पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।”
पुलिस ने संभाली मोर्चा, हर गतिविधि पर नजर
रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया:
“एसपी के निर्देश पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही पुलिस बलों की तैनाती की गई है। दामोदर और भैरवी नदी के किनारे भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”
उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
न्यूज़ देखो: आस्था, पर्यटन और सुरक्षा का संतुलन
नववर्ष के अवसर पर मां छिन्नमस्तिका धाम में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि धार्मिक पर्यटन झारखंड की एक बड़ी ताकत है। प्रशासन और मंदिर समिति की सजगता सराहनीय है, लेकिन भविष्य में बढ़ती भीड़ को देखते हुए और बेहतर सुविधाओं की जरूरत भी महसूस होती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों को संतुलित रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी भी निभाएं
धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा के साथ अनुशासन और सतर्कता भी जरूरी है। नववर्ष पर माता के दर्शन के साथ प्रकृति और सार्वजनिक व्यवस्था का सम्मान करें।
अपनी यात्रा सुरक्षित रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और इस खबर को साझा कर दूसरों को भी जागरूक करें। आपकी सतर्कता सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।






