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करम महा पर्व पर उमड़ा आस्था का ज्वार: विधायक रामचंद्र सिंह बोले यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति का सम्मान

#लातेहार #करमपर्व : विधायक ने क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं कहा पर्व भाईचारा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है
  • विधायक रामचंद्र सिंह ने करम महा पर्व पर दी शुभकामनाएं।
  • पर्व को बताया आदिवासी समाज की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक।
  • कहा यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
  • करम पेड़ की पूजा को जोड़ा प्रकृति संरक्षण और संतुलन से।
  • नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का बताया बेहतर अवसर

करम महा पर्व के अवसर पर मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह ने क्षेत्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान का सशक्त प्रतीक है। पर्व के दौरान करम डाली की पूजा न केवल परंपरा का निर्वहन है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।

विधायक का संदेश

विधायक रामचंद्र सिंह ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि करम महा पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते, सामाजिक एकजुटता और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है और आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

रामचंद्र सिंह ने कहा: “करम पूजा हमारी विरासत और प्रकृति के प्रति सम्मान का पर्व है। इसे हमें शांति, प्रेम और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाना चाहिए ताकि समाज में एकता और सद्भावना का वातावरण बने।”

सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

उन्होंने कहा कि करम पेड़ की पूजा सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव और उसके संरक्षण के संकल्प को भी व्यक्त करता है। यह पर्व हर नागरिक को अपने पर्यावरण की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है।

सामाजिक संदेश

विधायक ने लोगों से अपील की कि करम पूजा को सिर्फ परंपरा के तौर पर न मनाकर इसे सामाजिक समरसता और पर्यावरणीय जागरूकता का पर्व बनाएं। साथ ही नई पीढ़ी को इस आयोजन से जोड़ें ताकि वे अपनी संस्कृति पर गर्व महसूस करें और समाज में एकता को बनाए रखें।

न्यूज़ देखो: करम पर्व से मिले प्रकृति और समाज को जोड़ने का संदेश

यह पर्व सिर्फ पूजा-अर्चना का अवसर नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन का संदेश भी देता है। विधायक का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि हमारी सांस्कृतिक पहचान ही हमें प्रकृति और समाज से जोड़ती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति से जुड़ें और एकता को बढ़ाएं

करम महा पर्व हमें सिखाता है कि भाईचारा, प्रकृति प्रेम और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना ही असली जीवन मूल्यों की पहचान है। आइए हम सब इस परंपरा को गर्व से आगे बढ़ाएं। अपनी राय साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

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