#चंदवा #हाथीरेलहादसा : महुआमिलान–निंद्रा के बीच शाम सात बजे घटना से आवागमन बाधित।
लातेहार जिले के चंदवा क्षेत्र में बरवाडीह–बरकाकाना रेलखंड पर सोमवार शाम एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आकर घायल हो गया। महुआमिलान और निंद्रा स्टेशन के बीच पुतरीटोला गांव के पास हुई घटना के बाद हाथियों का झुंड ट्रैक पर डटा रहा, जिससे रेल परिचालन रोकना पड़ा। वन विभाग और रेलवे की टीमें मौके पर स्थिति संभाल रही हैं।
- महुआमिलान–निंद्रा स्टेशन के बीच पोल संख्या 170/30 के पास हादसा।
- सोमवार शाम करीब 7 बजे जंगली हाथी मालगाड़ी से टकराया।
- दर्जनों हाथियों का झुंड ट्रैक पर जमा, अप-डाउन लाइन बाधित।
- एक हाथी के बच्चे का पैर क्षतिग्रस्त होने की सूचना।
- रेलवे एवं वन विभाग की टीम मौके पर, परिचालन अस्थायी रूप से रोका गया।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड क्षेत्र में सोमवार शाम एक गंभीर वन्यजीव हादसा सामने आया। बरवाडीह–बरकाकाना रेलखंड पर महुआमिलान और निंद्रा स्टेशन के बीच पोल संख्या 170/30 के समीप डाउन लाइन पर एक जंगली हाथी मालगाड़ी से टकरा गया। यह घटना पुतरीटोला गांव के पास बताई जा रही है। टक्कर के बाद घायल हाथी ट्रैक के समीप गिर पड़ा और आसपास के जंगल से हाथियों का झुंड मौके पर पहुंच गया।
हाथियों का झुंड ट्रैक पर डटा, बढ़ी संवेदनशीलता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल हाथी तेज आवाज में कराह रहा था, जिससे झुंड के अन्य हाथी आक्रोशित और उत्तेजित हो गए। देखते ही देखते दर्जनों हाथी रेलवे ट्रैक पर जमा हो गए और अप तथा डाउन दोनों लाइनों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति को संवेदनशील मानते हुए रेलवे प्रशासन ने एहतियातन ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया।
रेल प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया:
“हाथियों के झुंड के ट्रैक पर मौजूद रहने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से परिचालन रोका गया है। स्थिति सामान्य होते ही सेवा बहाल की जाएगी।”
घायल हाथी और शावक की स्थिति
घटना में किसी हाथी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एक हाथी के बच्चे का पैर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। वन विभाग की टीम घायल हाथी की स्थिति का आकलन कर रही है और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया:
“घायल हाथी और उसके शावक की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। झुंड को सुरक्षित दिशा में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार का टकराव न हो।”
ग्रामीणों में दहशत, सतर्कता की अपील
घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल है। माल्हन पंचायत के मुखिया जतरु मुंडा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक और जंगल क्षेत्र के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं।
जतरु मुंडा ने कहा:
“जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, लोग सतर्क रहें और बच्चों को भी जंगल या ट्रैक के पास न जाने दें।”
वन्यजीव गलियारे पर बढ़ते खतरे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका हाथियों के पारंपरिक आवागमन का मार्ग माना जाता है। बरवाडीह–बरकाकाना रेलखंड से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की गति और आवृत्ति को देखते हुए यहां पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही के दौरान खतरे की आशंका जताई जाती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल, अलर्ट सिस्टम और वन विभाग-रेलवे के बीच बेहतर समन्वय से दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
प्रशासन सतर्क, निगरानी बढ़ाई गई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर ले जाने के प्रयास जारी हैं, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
समाचार लिखे जाने तक रेल परिचालन बहाल नहीं किया गया था। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
न्यूज़ देखो: रेल सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का संतुलन जरूरी
यह घटना विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाती है। हाथियों के पारंपरिक मार्गों पर विशेष सतर्कता, तकनीकी निगरानी और गति नियंत्रण अनिवार्य है। क्या संवेदनशील रेलखंडों पर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे? यह समय गंभीर समीक्षा का है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रकृति की रक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी
हाथी सिर्फ वन्यजीव नहीं, हमारी जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
रेल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान महत्व देना होगा।
सतर्कता, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास से ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
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