
#पलामू #ऋण_फर्जीवाड़ा : पति के आधार और फर्जी हस्ताक्षर से कई बैंकों से लोन लेकर प्रेमी संग फरार हुई महिला
पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत अंबाबर पंचायत के बीदरा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला पर पति के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों से करीब दो लाख रुपये का लोन लेने और फिर प्रेमी के साथ फरार होने का आरोप है। पीड़ित पति ने बैंक और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
- बीदरा गांव की महिला पर कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों से लोन लेने का आरोप।
- पति पिंटू पासवान के आधार कार्ड व फर्जी हस्ताक्षर का कथित दुरुपयोग।
- कुल लोन राशि लगभग दो लाख रुपये बताई जा रही।
- 02 तारीख की रात करीब 3 बजे प्रेमी के साथ घर छोड़कर फरार।
- महिला के दो छोटे बच्चे घर पर ही छोड़ने का आरोप।
- पति ने बैंकों और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत अंबाबर पंचायत के ग्राम बीदरा में एक महिला द्वारा किए गए कथित फर्जीवाड़े ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित पति पिंटू पासवान ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी माया देवी ने उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर और फर्जी हस्ताक्षर कराकर कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों से करीब दो लाख रुपये का लोन लिया और फिर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई।
अर्धरात्रि में पति और बच्चों को छोड़कर हुई फरार
पीड़ित पिंटू पासवान के अनुसार, 02 तारीख की रात करीब 3 बजे माया देवी अचानक घर से निकल गई। उस समय घर में पति और दो छोटे-छोटे बच्चे सो रहे थे। सुबह जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो घर में अफरा-तफरी मच गई। पिंटू पासवान का कहना है कि माया देवी अपने प्रेमी के साथ फरार हुई है।
पति के दस्तावेजों से लिया गया लोन
पिंटू पासवान ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी पत्नी ने उसके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया और गलत सिग्नेचर कर कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों से लोन पास करा लिया।
उनके अनुसार, अलग-अलग बैंकों से लिए गए इन लोन की कुल राशि लगभग दो लाख रुपये है। पिंटू पासवान का कहना है कि उसे इस लोन की जानकारी तब हुई जब बैंकों की ओर से किस्तों को लेकर पूछताछ शुरू हुई।
मायके पक्ष का दावा, दिल्ली गई है महिला
पीड़ित पति ने बताया कि जब वह माया देवी के मायके पक्ष के लोगों से पूछताछ करने गया, तो उसके पिता और भाई ने कहा कि माया दिल्ली चली गई है। इस बयान ने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है।
पिंटू पासवान का कहना है कि यदि महिला वास्तव में दिल्ली गई है, तो यह स्पष्ट करता है कि वह जानबूझकर सब कुछ छोड़कर फरार हुई है।
बैंक अधिकारियों से की गुहार
पिंटू पासवान ने संबंधित स्मॉल फाइनेंस बैंकों के अधिकारियों से अपील की है कि उसकी पत्नी द्वारा फर्जी तरीके से लिए गए लोन की रिकवरी उससे न की जाए। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने किसी लोन के लिए आवेदन किया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं।
“मेरे आधार कार्ड और फर्जी सिग्नेचर से लोन लिया गया है। इसका बोझ मुझ पर न डाला जाए।” – पिंटू पासवान
जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से भी मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए और माया देवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वह और उसके बच्चे आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाएंगे।
बच्चों की स्थिति को लेकर चिंता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चिंता का विषय दो मासूम बच्चों का भविष्य है। मां के अचानक चले जाने और कर्ज के बोझ की आशंका ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
जांच की जरूरत, कई सवाल खड़े
यह मामला न सिर्फ पारिवारिक विवाद का है, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में दस्तावेज सत्यापन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर बिना खाताधारक की जानकारी के कई बैंकों से लोन कैसे पास हो गया—यह जांच का विषय है।
न्यूज़ देखो: फर्जीवाड़े पर सख्ती जरूरी
इस तरह के मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि निर्दोष लोग कर्ज के जाल में न फंसें। बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करना समय की मांग है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और सुरक्षा जरूरी
आपकी राय क्या है—क्या ऐसे मामलों में बैंकों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में दें और खबर को साझा कर जागरूकता बढ़ाएं।







