
#खलारी #पेयजल_संकट : राय कोलियरी क्षेत्र में जलमीनार बंद रहने से ग्रामीण परेशान, मरम्मत की मांग तेज।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत राय पंचायत में पिछले लगभग एक वर्ष से जलमीनार खराब पड़ा है, जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या विकराल हो गई है और लोग आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
- राय पंचायत, खलारी प्रखंड में एक वर्ष से बंद जलमीनार।
- राय कोलियरी क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट।
- महिलाओं और बच्चों को दूर से लाना पड़ रहा पानी।
- ग्रामीणों ने विभाग और प्रशासन से की तत्काल मरम्मत की मांग।
- समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
खलारी, रांची। झारखंड के रांची जिला अंतर्गत खलारी प्रखंड की राय पंचायत स्थित राय कोलियरी क्षेत्र में बना जलमीनार पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा है। इस कारण क्षेत्र में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। बिरेंद्र गंझू के निवास स्थान के समीप स्थित इस जलमीनार से पहले आसपास के कई घरों में नियमित जलापूर्ति होती थी, जिससे ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलती थी।
एक वर्ष से बंद पड़ी है जलापूर्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलमीनार में तकनीकी खराबी आने के बाद से अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। परिणामस्वरूप जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
स्थानीय समाजसेवी प्रकाश कुमार सिंहा ने बताया कि समस्या को लेकर बार-बार ध्यान आकृष्ट कराया गया, परंतु विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।
गर्मी बढ़ने से विकराल हुई समस्या
गर्मी का मौसम शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जलस्रोतों के सूखने और जलमीनार के बंद रहने से लोगों को पेयजल के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
वीरेंद्र गंझू, बोका चांद, सेवा उरांव, मंगरू मुंडा, रवि महतो, रवि मुंडा, उमा शंकर साव, अमित उरांव, तेतर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा प्रखंड प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही जलमीनार की मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर इतनी लंबी लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि समय पर मरम्मत हो जाती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
प्रखंड प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देशित करे और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं पर त्वरित कार्रवाई जरूरी
पेयजल हर नागरिक का मूल अधिकार है। एक वर्ष तक जलमीनार का खराब रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो समस्या और गहराएगी। ग्रामीणों की मांग जायज है और इस पर त्वरित समाधान आवश्यक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी है जीवन इसकी कद्र करें और आवाज उठाएं
पेयजल संकट केवल एक गांव की नहीं, पूरे समाज की समस्या है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए जागरूक रहना जरूरी है।
अपनी समस्याओं को मजबूती से रखें और समाधान की मांग करें।
एकजुट होकर ही बदलाव संभव है।
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