
#दुमका #स्वास्थ्य_आपातकाल : गोपीकांदर प्रखंड के गाड़ियापानी गांव में नहाने के बाद 45 वर्षीय सैद सोरेन अचानक बेहोश होकर गिरे—गंभीर स्थिति में इलाज जारी
- 45 वर्षीय सैद सोरेन नहाने के तुरंत बाद बेहोश होकर गिरे।
- परिजनों ने उन्हें गोपीकांदर सीएचसी में कराया भर्ती।
- डॉक्टरों ने बताया—रक्तचाप बेहद अधिक, 3 घंटे बाद भी होश नहीं आया।
- स्थिति गंभीर होने पर दुमका मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
- परिवार और गांव में चिंता व दहशत का माहौल।
- डॉक्टरों के अनुसार, अचानक हाई बीपी से बेहोशी की संभावना।
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के गाड़ियापानी गांव में सोमवार सुबह एक गंभीर स्वास्थ्य घटना सामने आई, जब 45 वर्षीय सैद सोरेन नहाने के तुरंत बाद अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों ने उन्हें तुरंत स्थानीय गोपीकांदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनका रक्तचाप असामान्य रूप से काफी अधिक था। तीन घंटे तक लगातार उपचार के प्रयासों के बावजूद सैद सोरेन को होश नहीं आया, जिससे उनकी स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
कैसे बिगड़ी तबीयत, क्या कहते हैं डॉक्टर?
सीएचसी के चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक ब्लड प्रेशर अचानक बेहोश होने का मुख्य कारण हो सकता है। नहाने के दौरान शरीर के तापमान में तेजी से बदलाव भी कुछ मामलों में हाई बीपी के मरीजों पर गंभीर असर डाल सकता है। डॉक्टरों ने बताया कि रोगी का BP लगातार सामान्य नहीं हो पा रहा था, जिस कारण रेफर करने का निर्णय लिया गया।
परिवार में चिंता, गांव में दहशत का माहौल
घटना के बाद सैद सोरेन के परिवार में गहरी चिंता का माहौल है। गांव के लोग भी उनकी स्थिति को लेकर लगातार जानकारी लेते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि सैद सोरेन सामान्य तौर पर स्वस्थ दिखाई देते थे और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने से सभी हैरान हैं।
दुमका मेडिकल कॉलेज में जारी है इलाज
रेफर किए जाने के बाद सैद को दुमका मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी हालत स्थिर करने में जुटी है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि अगले 12 से 24 घंटे उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
न्यूज़ देखो: अचानक बढ़ता रक्तचाप—गांवों में जागरूकता की जरूरत
दुमका जैसी ग्रामीण क्षेत्रों में हाई बीपी और स्ट्रोक जैसे मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों पर अधिक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि समय पर जांच और इलाज से लोगों की जान बचाई जा सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क रहिए—स्वास्थ्य है सबसे बड़ी पूंजी
शरीर में छोटे-से बदलाव को भी हल्के में न लें। नियमित जांच कराएं, समय पर इलाज लें और परिवार व समुदाय को भी जागरूक बनाएं। इस खबर को साझा करें ताकि दूसरों तक भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश पहुंच सके।







