
#भरनो #महिला_सुरक्षा : शादी समारोह से लौट रही आदिवासी युवती को झांसा देकर सुनसान जगह ले जाकर वारदात
गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र में शादी समारोह से लौट रही एक आदिवासी युवती के साथ चार युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले ने क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
- भरनो थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 8 बजे हुई वारदात।
- शादी से लौट रही आदिवासी युवती को घर छोड़ने के बहाने ले जाया गया सुनसान स्थान।
- चार आरोपियों — राजकुमार उरांव, विष्णु गोप, विकास मुंडा, विकास उरांव गिरफ्तार।
- पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, मेडिकल जांच कर आरोपियों को भेजा गया जेल।
- पुलिस ने क्षेत्रवासियों से महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह से लौट रही एक आदिवासी युवती के साथ चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना रविवार रात लगभग 8 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता अपने ही थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी।
घर छोड़ने का झांसा देकर सुनसान स्थान पर ले गया आरोपी
जानकारी के अनुसार शादी समाप्त होने के बाद पीड़िता अकेले पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान एक युवक ने उसे घर तक सुरक्षित पहुंचाने का झांसा दिया। पीड़िता उसके बहकावे में आ गई, लेकिन आरोपी उसे घर तक छोड़ने के बजाय सुनसान स्थान पर ले गया।
वहां उसने अपने तीन अन्य साथियों को बुलाया और चारों ने मिलकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
घटना के बाद डरी और सहमी पीड़िता किसी तरह देर रात अपने गांव पहुंची और परिवार वालों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ वह सोमवार को भरनो थाना पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, चारों आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए भरनो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पीड़िता की निशानदेही पर चारों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर थाना लाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में —
- राजकुमार उरांव (21 वर्ष), ग्राम शमशेरा
- विष्णु गोप (19 वर्ष), ग्राम शमशेरा
- विकास मुंडा (22 वर्ष), ग्राम मसीयातु नरकोपी
- विकास उरांव (21 वर्ष), ग्राम बटकुरी शामिल हैं।
पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
मेडिकल जांच और न्यायिक हिरासत
भरनो थाना प्रभारी कंचन प्रजापति ने बताया कि पीड़िता के आवेदन के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता का चिकित्सा परीक्षण कराया गया है और मंगलवार को सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़िता को हर संभव सहायता और सुरक्षा उपलब्ध करा रही है तथा आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की विशेष अपील
घटना के मद्देनजर भरनो पुलिस ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, अभिभावकों और जिम्मेदार लोगों से विशेष अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में महिला और युवतियों को मेला, शादी या अन्य कार्यक्रमों में अकेले न भेजें।
यदि वे किसी कार्यक्रम में शामिल हों तो परिजनों या विश्वसनीय लोगों के साथ ही जाएं और देर शाम होने से पहले सुरक्षित घर पहुंचने का प्रयास करें।
पुलिस ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में भी इस प्रकार की घटनाएं घट चुकी हैं, इसलिए सजगता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई को सराहा जा रहा है।
न्यूज़ देखो: महिला सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
भरनो की यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। त्वरित गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क समाज ही रोक सकता है अपराध
ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार नहीं, पूरे समाज को झकझोर देती हैं।
जरूरत है जागरूकता, सामूहिक जिम्मेदारी और कानून के प्रति सम्मान की।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आपकी सजगता किसी बड़ी घटना को रोक सकती है।
इस खबर पर अपनी राय जरूर साझा करें और महिला सुरक्षा के लिए आवाज उठाएं।





