
#चैनपुर #गुमला #वन्यजीवहमला #भालूआतंक : खेत में झाड़ी काटने गई युवती पर पीछे से किया हमला, हालत स्थिर।
चैनपुर प्रखंड अंतर्गत सिमला बरटोली गांव में जंगली भालू के अचानक हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। इस हमले में 22 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
- सिमला बरटोली गांव में जंगली भालू का आतंक
- खेत में काम कर रही युवती पर किया अचानक हमला
- माथे व शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म
- ग्रामीणों के शोर पर जंगल की ओर भागा भालू
- वन विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
चैनपुर। चैनपुर प्रखंड के सिमला बरटोली गांव में जंगली भालू के हमले से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। इस हमले में गांव की 22 वर्षीय कलिस्ता मिंज, पिता स्व. दोमनिक मिंज, गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
खेत में काम करने के दौरान हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, कलिस्ता मिंज जंगल के समीप स्थित अपने खेत में झाड़ी काटने गई थी। इसी दौरान पीछे से अचानक एक जंगली भालू ने उस पर हमला कर दिया। भालू के हमले से युवती के माथे और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म आए।
ग्रामीणों के पहुंचते ही भागा भालू
युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे, तब तक भालू जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद ग्रामीणों के सहयोग से घायल युवती को तुरंत चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल में हुआ प्राथमिक उपचार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉ. प्रभात कुमार ने घायल युवती का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार उपचार के बाद युवती की स्थिति स्थिर है और प्राथमिक इलाज के पश्चात उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
वन विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और घायल युवती का हालचाल जाना। वनपाल चंद्रेश उरांव ने ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा कि
- कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए
- लकड़ी चुनने या खेती के कार्य के लिए समूह में ही जाएं
- भालू दिखने या किसी अप्रिय स्थिति में तुरंत वन विभाग या मुखिया को सूचना दें
न्यूज़ देखो विश्लेषण
लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों से ग्रामीण क्षेत्रों में भय बढ़ता जा रहा है। जंगल से सटे गांवों में सतर्कता, सामूहिक कार्य और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई ही ऐसे हादसों को रोकने में सहायक हो सकती है।
सावधानी ही सुरक्षा है
जंगल के आसपास रहने वाले लोग सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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