
#Jharkhand_ED_Raid: आयुष्मान भारत योजना में फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर ईडी का शिकंजा:
- झारखंड में 21 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
- आयुष्मान योजना में करोड़ों के गबन का खुलासा
- रांची, दिल्ली, यूपी और बंगाल में एक साथ कार्रवाई
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए इलाज के नाम पर पैसा निकाला गया
सुबह-सुबह ईडी की बड़ी कार्रवाई
झारखंड की राजधानी रांची समेत 21 स्थानों पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। यह दबिश मोराबादी, बरियातू, पीपी कंपाउंड, चिरौंदी और लालपुर जैसे अहम इलाकों में दी गई। ईडी की टीम ने सभी ठिकानों को घेर लिया और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।
क्या है पूरा घोटाला?
ईडी को मिली जानकारी के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी मरीजों के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। जांच में सामने आया कि कई अस्पतालों ने बिना मरीज भर्ती किए इलाज के नाम पर फंड का दुरुपयोग किया। इसके तहत मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए बड़े पैमाने पर सरकारी धन का गबन हुआ।
किन राज्यों में चल रही है जांच?
ईडी की यह कार्रवाई झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैली हुई है। खासकर झारखंड में 750 से ज्यादा अस्पताल इस योजना में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से कई पर फर्जी बिलिंग के आरोप लगे हैं।
ईडी की जांच में क्या मिला?
सूत्रों के मुताबिक, फर्जी बिलिंग में शामिल 09 बड़े अस्पतालों के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा, रांची के पीपी कंपाउंड स्थित MD INDIA HEALTH INSURANCE ऑफिस पर भी छापेमारी की गई। ईडी अधिकारियों ने यहां से महत्पूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
न्यूज़ देखो — गरीबों के इलाज के नाम पर घोटाला, अब होगी सख्त कार्रवाई!
सरकार की आयुष्मान भारत योजना, जिसका उद्देश्य गरीबों को मुफ्त इलाज देना है, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। बिना इलाज किए करोड़ों रुपये का हेरफेर कर लिया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को वास्तविक लाभ नहीं मिला।
अब सवाल यह उठता है कि ऐसे अस्पतालों पर क्या कड़ी सजा होनी चाहिए? क्या इन पर स्थायी बैन लगना चाहिए या जिम्मेदारों को जेल भेजा जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं और न्यूज़ को रेटिंग दें।
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