
#पलामू #धार्मिक_आयोजन : मुरमा कला में देवी प्राण प्रतिष्ठा और शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए अभिमन्यु सिंह।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड के मुरमा कला गांव में आयोजित श्री देवी प्राण प्रतिष्ठा सह श्री शतचंडी महायज्ञ में बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा समाजसेवी और बसपा प्रदेश महासचिव अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह शामिल हुए। उन्होंने मां भगवती के चरणों में क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर धार्मिक आयोजन की सराहना भी की।
- मुरमा कला पंचायत में आयोजित श्री देवी प्राण प्रतिष्ठा सह शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह।
- बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा समाजसेवी और बसपा प्रदेश महासचिव के रूप में क्षेत्र में सक्रिय।
- मां भगवती के चरणों में क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।
- धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना।
- धर्म और समाज सेवा से जुड़े कार्यों में लगातार सक्रिय रहने की पहचान।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुरमा कला में इन दिनों भव्य धार्मिक आयोजन का माहौल है। यहां आयोजित श्री देवी प्राण प्रतिष्ठा सह श्री शतचंडी महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा समाजसेवी नेता और बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह भी इस धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे।
कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और मां भगवती से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उनके आगमन पर आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
मुरमा कला में चल रहा भव्य धार्मिक आयोजन
ग्राम पंचायत मुरमा कला में आयोजित श्री देवी प्राण प्रतिष्ठा सह श्री शतचंडी महायज्ञ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है। इस आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है और लोग आस्था के साथ इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
मां भगवती से क्षेत्र की खुशहाली की कामना
कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह ने मां दुर्गा के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और पूरे क्षेत्र के लिए सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह ने कहा:
“मां भगवती की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे, यही मेरी कामना है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देते हैं।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम लोगों को एक साथ जोड़ते हैं और समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करते हैं।
श्रद्धालुओं से मुलाकात कर जाना हाल-चाल
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान अभिमन्यु सिंह ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से भी मुलाकात की। उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और आयोजन की सराहना की।
ग्रामीणों ने भी उनके इस आगमन को सराहा और कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं का ऐसे आयोजनों में शामिल होना लोगों के लिए प्रेरणादायक होता है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उन्होंने समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
धर्म और समाज सेवा से जुड़ी पहचान
बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र में अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह एक सक्रिय युवा समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। वे समय-समय पर सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेते रहते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता के बीच उनकी सक्रियता और संवाद ही उनकी पहचान बन चुकी है। सामाजिक कार्यों के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी लगातार देखने को मिलती है।
ऐसे आयोजनों में उनकी उपस्थिति से स्थानीय लोगों को भी प्रोत्साहन मिलता है और सामाजिक सहभागिता बढ़ती है।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक जुड़ाव भी जरूरी
मुरमा कला में आयोजित देवी प्राण प्रतिष्ठा और शतचंडी महायज्ञ जैसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को जोड़ने का भी काम करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से लोगों के बीच संवाद और सहयोग की भावना मजबूत होती है। धार्मिक आस्था के साथ यदि समाज सेवा का भाव भी जुड़ जाए तो ऐसे आयोजन समाज के लिए और अधिक सार्थक बन जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था और समाज सेवा का संदेश आगे बढ़ाएं
धार्मिक आयोजन केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और एकता को मजबूत करने का अवसर भी देते हैं। जब लोग मिलकर ऐसे आयोजनों में भाग लेते हैं तो आपसी भाईचारा और सामाजिक सहयोग की भावना बढ़ती है।
अपने गांव और क्षेत्र में होने वाले ऐसे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाना भी समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
आस्था के साथ समाज सेवा का भाव बनाए रखें और अपने क्षेत्र के विकास में सकारात्मक योगदान दें।
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