#बोकारो #यूपीएससी_सफलता : सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अभिषेक सिंह की सफलता से जिले में खुशी का माहौल।
बोकारो के अभिषेक सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 308वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वे बिहार में प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
- बोकारो के अभिषेक सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 308वीं रैंक हासिल की।
- अभिषेक ने दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की।
- इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीआईटी मेसरा से करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी की।
- वर्ष 2024 में BPSC 67वीं परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए।
- वर्तमान में सहरसा में वरीय जिला समाहर्ता (सीनियर डिप्टी कलेक्टर) के रूप में कार्यरत हैं।
- डीपीएस बोकारो से UPSC CSE 2025 में चार छात्रों ने सफलता हासिल की।
बोकारो जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब अभिषेक सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया 308वीं रैंक प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। शिक्षा और कड़ी मेहनत के बल पर हासिल की गई इस सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
डीपीएस बोकारो से की स्कूली शिक्षा
अभिषेक सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो से पूरी की। वे वर्ष 2014 बैच के छात्र रहे हैं। दूसरी कक्षा से लेकर 12वीं तक उन्होंने इसी विद्यालय में पढ़ाई की और पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय रहे।
स्कूल के दिनों में वे बास्केटबॉल जैसे खेलों में भी भाग लेते थे, लेकिन उनका मुख्य ध्यान हमेशा पढ़ाई और अपने भविष्य के लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि अभिषेक शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्र रहे हैं, जो हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहते थे।
बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अभिषेक ने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और अच्छे परिणाम हासिल किए।
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी मिल गई और उन्होंने कुछ समय तक वहां काम भी किया। हालांकि उनके मन में हमेशा से प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए।
पहले BPSC में मिली सफलता
सिविल सेवा की तैयारी के दौरान अभिषेक सिंह ने वर्ष 2024 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उस परीक्षा में उन्होंने 23वीं रैंक हासिल की थी।
इस सफलता के बाद उन्हें सहरसा में प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली। वर्तमान में वे वहां वरीय जिला समाहर्ता (सीनियर डिप्टी कलेक्टर) के रूप में कार्यरत हैं।
UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल करना उनके लिए एक बड़ा लक्ष्य था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पूरा कर दिखाया।
अभिषेक सिंह ने कहा: “मेरी इस सफलता का श्रेय मेरे परिवार, शिक्षकों और विद्यालय से मिली शिक्षा-दीक्षा को जाता है।”
परिवार ने हमेशा किया प्रोत्साहित
अभिषेक सिंह की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता दिनेश प्रसाद सिंह सिविल इंजीनियर हैं और वर्तमान में मणिपुर में कार्यरत हैं।
वहीं उनकी माता आशा सिंह गृहिणी हैं और उन्होंने हमेशा अपने बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। अभिषेक ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और समर्थन को दिया है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि अभिषेक बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखते थे और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट थे।
डीपीएस बोकारो के चार छात्रों ने पाई सफलता
इस साल UPSC CSE 2025 में दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो के कुल चार छात्रों ने सफलता हासिल की है, जो विद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।
इन सफल छात्रों में शामिल हैं:
अपूर्वा वर्मा — 42वीं रैंक
तेजस्विनी सिंह — 62वीं रैंक
शुभम कुमार महतो — 142वीं रैंक
अभिषेक सिंह — 308वीं रैंक
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा: “हमारे विद्यालय के छात्रों की यह सफलता पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है और हमें उम्मीद है कि वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”
न्यूज़ देखो: युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता
बोकारो के अभिषेक सिंह की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और सही दिशा में की गई तैयारी से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। छोटे शहरों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता पाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे उदाहरण यह भी दिखाते हैं कि शिक्षा और दृढ़ संकल्प के माध्यम से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को लक्ष्य बनाएं, सफलता जरूर मिलेगी
हर युवा के जीवन में एक सपना होता है, लेकिन उसे साकार करने के लिए लगातार मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होती है। अभिषेक सिंह की कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता जरूर मिलती है।
आज के युवाओं के लिए यह सफलता एक प्रेरणा है कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहें।
आप भी अपने सपनों को लक्ष्य बनाएं और मेहनत से उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें। इस प्रेरणादायक खबर को अपने दोस्तों तक जरूर पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और ऐसी सकारात्मक खबरों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।


