
#पीरटांड़ #छात्र_सेवा : अभाविप आयाम गतिविधि के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिला सहयोग।
गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत मधुबन स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से सेवार्थ विद्यार्थी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बीच कॉपी, बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर और पेन जैसी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अभाविप के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे और सेवा भाव को संगठन का मूल उद्देश्य बताया गया। इस पहल को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मधुबन में अभाविप का सेवा कार्यक्रम।
- विद्यार्थियों को कॉपी, बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर, पेन का वितरण।
- प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू और प्रदेश SFS सह संयोजक अनीश रॉय रहे उपस्थित।
- आयाम गतिविधि सेवार्थ विद्यार्थी को संगठन का प्रमुख कार्य बताया गया।
- सामाजिक कार्यों को लेकर एसएफएस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया।
गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड क्षेत्र में सामाजिक और शैक्षणिक सहयोग की एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पीरटांड़ इकाई द्वारा आयाम गतिविधि सेवार्थ विद्यार्थी के अंतर्गत मधुबन पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहयोग देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ सेवा कार्यक्रम
मधुबन स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वितरण के दौरान विद्यार्थियों को कॉपी, बॉक्स, पेंसिल, रबर, कटर और पेन जैसी दैनिक शैक्षणिक जरूरत की सामग्री दी गई। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह की पहल उनके लिए कितनी उपयोगी है।
अभाविप नेताओं की रही सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अभाविप प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू और प्रदेश SFS सह संयोजक अनीश रॉय उपस्थित रहे। इसके साथ ही कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रभावी और प्रेरक बना दिया।
एसएफएस गतिविधियों पर मंटू मुर्मू का वक्तव्य
जिला संयोजक सह प्रदेश सह मंत्री मंटू मुर्मू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा:
मंटू मुर्मू ने कहा: “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आयाम गतिविधि एसएफएस हमारे प्रमुख कार्यों में शामिल है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।”
उन्होंने एसएफएस के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत बस्ती और परिषद की पाठशालाओं के माध्यम से गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा सामाजिक सहायता के तहत ठंड के मौसम में कंबल वितरण, आपदा राहत कार्य और जरूरतमंदों की हरसंभव मदद की जाती है।
स्वास्थ्य, सामाजिक चेतना और व्यक्तित्व विकास पर जोर
अपने संबोधन में मंटू मुर्मू ने यह भी कहा कि एसएफएस के माध्यम से स्वास्थ्य और रक्तदान जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है और समय-समय पर कार्यकर्ता रक्तदान भी करते हैं। साथ ही ग्रामीण विकास, स्वच्छता और स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाकर सामाजिक चेतना विकसित की जाती है। युवाओं में सेवा भाव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संस्कार विकसित करना भी एसएफएस का अहम उद्देश्य है।
“हर जीव में शिव” के सिद्धांत पर आधारित कार्य
एसएफएस का मुख्य ध्येय “हर जीव में शिव” देखना है, जिसका अर्थ समाज के हर व्यक्ति में सेवा और संवेदना का भाव देखना है। इसी सिद्धांत के तहत संगठन जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का कार्य लगातार कर रहा है। इस कार्यक्रम को भी उसी सोच का विस्तार माना जा रहा है।
सामाजिक संगठनों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित सिद्धयतन के CRO अशोक जैन ने कहा:
अशोक जैन ने कहा: “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा की गई यह पहल काफी सराहनीय है। देश में जब-जब जरूरत महसूस हुई है, परिषद के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर सामाजिक कार्यों में भाग लिया है।”
उनके इस वक्तव्य ने कार्यक्रम की सामाजिक प्रासंगिकता को और अधिक मजबूत किया।
सेवार्थ विद्यार्थी को प्रांत भर में विस्तार देने की घोषणा
प्रदेश SFS सह संयोजक अनीश रॉय ने कहा:
अनीश रॉय ने कहा: “सेवार्थ विद्यार्थी का कार्य पूरे प्रांत में जोर-शोर से किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों के बीच आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा सके।”
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षा और सेवा दोनों को एक साथ आगे बढ़ाया जा सके।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में युवा समाजसेवी अतिशय जैन, मुकेश प्रसाद गुप्ता, अतुल जैन, साहिल कुमार सहित अभाविप के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: सेवा से जुड़ती शिक्षा की मजबूत कड़ी
पीरटांड़ के मधुबन विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम यह दिखाता है कि छात्र संगठन केवल आंदोलन या विचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अभाविप की सेवार्थ विद्यार्थी पहल शिक्षा और सेवा को जोड़ने का एक सशक्त उदाहरण है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस तरह के कार्यक्रमों का विस्तार किस स्तर तक होता है और कितने जरूरतमंद विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल पाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब सेवा से जुड़ती है शिक्षा
शैक्षणिक सामग्री का छोटा सा सहयोग भी किसी बच्चे के सपनों को नई उड़ान दे सकता है। ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों की मदद करते हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करते हैं। अभाविप की यह पहल यह याद दिलाती है कि शिक्षा के साथ सेवा का भाव जुड़ना कितना जरूरी है।
अब जरूरत है कि समाज के हर वर्ग से ऐसी पहलों को समर्थन मिले। आप इस प्रयास को कैसे देखते हैं? क्या इस तरह के कार्यक्रम जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को बदल सकते हैं? अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सेवा व शिक्षा की इस मुहिम को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।



