
#राँची #भ्रष्टाचार_कार्रवाई : एसीबी राँची की टीम ने वर्ष 2026 के पांचवें ट्रैप केस में सिल्ली अंचल कार्यालय के अमीन को रिश्वत लेते दबोचा
राँची एसीबी की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमीन नापी रिपोर्ट और नक्शा देने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर सत्यापन के बाद ट्रैप केस दर्ज कर यह कार्रवाई की गई।
- एसीबी राँची ने अमीन गणेश महतो को 8,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
- मामला सिल्ली अंचल कार्यालय, राँची से जुड़ा है।
- शिकायतकर्ता वासुदेव महतो (65 वर्ष), ग्राम लोवादाग ने लिखित आवेदन दिया था।
- जमीन खाता सं-13, प्लॉट सं-676, रकबा 171 डिसमिल की नापी से जुड़ा मामला।
- वर्ष 2026 का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राँची का पांचवां ट्रैप केस।
- आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-2018 की धारा 7 (a) के तहत केस दर्ज।
राँची। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), राँची ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन गणेश महतो को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लिखित शिकायत, सत्यापन और ट्रैप की विधिवत प्रक्रिया के बाद की गई। इस गिरफ्तारी को वर्ष 2026 में एसीबी राँची का पांचवां ट्रैप केस बताया जा रहा है।
जमीन नापी रिपोर्ट और नक्शा के लिए मांगी जा रही थी रिश्वत
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परिवादी वासुदेव महतो, उम्र करीब 65 वर्ष, पिता स्व. रीतवरण महतो, ग्राम लोवादाग, थाना सिल्ली, जिला राँची ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राँची में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि उनकी ग्राम लोवादाग स्थित जमीन, जिसका खाता संख्या 13, प्लॉट संख्या 676 और कुल रकबा 171 डिसमिल (मध्ये 20 डिसमिल) है, की नापी कराने के लिए उन्होंने दिनांक 16.12.2025 को ऑनलाइन आवेदन दिया था।
आवेदन के बाद सिल्ली अंचल कार्यालय में कार्यरत अमीन गणेश महतो द्वारा दिनांक 10.02.2026 को उक्त भूमि की नापी की गई। लेकिन नापी करने के पश्चात नापी रिपोर्ट एवं नक्शा उपलब्ध कराने के लिए आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
रिश्वत देने से इनकार के बाद एसीबी से की शिकायत
परिवादी वासुदेव महतो रिश्वत देकर अपना काम कराना नहीं चाहते थे। उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राँची में दर्ज कराई।
एसीबी द्वारा शिकायत का विधिवत सत्यापन कराया गया, जिसमें लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। सत्यापन प्रतिवेदन और परिवादी के आवेदन के आधार पर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
ट्रैप केस दर्ज कर बनाई गई विशेष टीम
सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राँची थाना कांड संख्या-08/26, दिनांक 18.02.2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम-2018 की धारा 7 (a) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद एसीबी की विशेष टीम का गठन कर ट्रैप की रणनीति तैयार की गई, ताकि आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा जा सके।
आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
पूर्व निर्धारित योजना के तहत गुरुवार दिनांक 19.02.2026 को एसीबी राँची की टीम ने सिल्ली अंचल कार्यालय में कार्रवाई की।
इस दौरान आरोपी अमीन गणेश महतो को परिवादी से 8,000 रुपये (आठ हजार) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसीबी टीम द्वारा अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसीबी की इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच काफी चर्चा का माहौल रहा।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संकेत
सूत्रों के अनुसार, एसीबी द्वारा लगातार ट्रैप कार्रवाई कर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2026 में यह एसीबी राँची का पांचवां ट्रैप केस है, जो यह दर्शाता है कि निगरानी एजेंसियां अब शिकायतों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि नापी, दाखिल-खारिज और नक्शा जैसे मामलों में रिश्वत की शिकायतें आम तौर पर सामने आती रही हैं, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस प्रकार की रिश्वतखोरी का दायरा कितना व्यापक है।
इस कार्रवाई के बाद आम जनता में यह संदेश गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसके खिलाफ शिकायत कर सख्त कार्रवाई कराई जा सकती है।
न्यूज़ देखो: भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए जरूरी जनभागीदारी
एसीबी की यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। रिश्वतखोरी के खिलाफ शिकायत करने वाले नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। लगातार ट्रैप केस यह संकेत देते हैं कि निगरानी तंत्र सक्रिय है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार के लिए जनसहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक बनें, अधिकारों के लिए आवाज उठाएं
रिश्वत मांगना और देना दोनों अपराध है।
सरकारी कार्यों में पारदर्शिता हर नागरिक का अधिकार है।
किसी भी प्रकार की अवैध मांग होने पर तुरंत शिकायत करें।
जागरूक नागरिक ही भ्रष्टाचार मुक्त समाज की नींव रखते हैं।
अपनी आवाज उठाइए, अन्याय के खिलाफ खड़े रहिए।
इस खबर को शेयर करें और कमेंट में अपनी राय जरूर दें।






