पलामू में बाल श्रम के खिलाफ एक्शन मोड: हरिहरगंज से 5 बच्चे मुक्त, जून भर चलेगा विशेष अभियान

पलामू में बाल श्रम के खिलाफ एक्शन मोड: हरिहरगंज से 5 बच्चे मुक्त, जून भर चलेगा विशेष अभियान

author News देखो Team
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#पलामू #बालश्रममुक्ति — होटल-रेस्तरां से लेकर रेलवे स्टेशन तक अलर्ट पर प्रशासन
  • हरिहरगंज में छापेमारी कर 5 बाल मजदूरों को कराया गया मुक्त
  • जून भर चलेगा बाल श्रम के खिलाफ विशेष राज्यस्तरीय अभियान
  • होटल-रेस्तरां, रेलवे स्टेशन, बाजारों में बढ़ी निगरानी
  • सीडब्ल्यूसी, चाइल्ड लाइन, श्रम विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय
  • मुक्त बच्चों के परिजनों को मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधा

बाल श्रमिकों को बचाने के लिए पलामू प्रशासन अलर्ट, बाल गृह भेजे गए सभी बच्चे

पलामू जिला में बाल मजदूरी और बाल तस्करी की बढ़ती घटनाओं के बीच जिला प्रशासन ने जून महीने को बाल श्रम विरोधी अभियान के रूप में चिह्नित किया है। हरिहरगंज में हुई पहली बड़ी कार्रवाई में 5 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है, जो लाइन होटलों में मजदूरी कर रहे थे। सभी बच्चों को सुरक्षित तौर पर बाल गृह में भेजा गया और होटल मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

श्रम विभाग की अगुवाई में संयुक्त टीम कर रही है अभियान

श्रम अधीक्षक एतवारी महतो के नेतृत्व में गठित टीम में सीडब्ल्यूसी, चाइल्ड लाइन, अग्रगति जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं। टीम गोपनीय सूचना एकत्र कर छापेमारी करती है। अब तक 8 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है, और 2024 में 15 बच्चों की मुक्ति पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है।

“हमारा लक्ष्य है कि हर बालक को बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा और सुरक्षा मिले। जो भी लोग बाल श्रम करवाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
एतवारी महतो, श्रम अधीक्षक, पलामू

रेलवे स्टेशन और बाजार भी विशेष निगरानी में

डाल्टनगंज और गढ़वा रोड रेलवे स्टेशनों पर भी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अलर्ट मोड पर है। बीते एक वर्ष में 20 से अधिक बाल श्रमिकों को RPF द्वारा मुक्त कराया गया। अब जून के अभियान में रेलवे प्लेटफॉर्म, होटल, रेस्तरां, निर्माण स्थल, और बाजारों में गहन निगरानी रखी जाएगी।

बच्चों के परिवारों को सरकार से जोड़ा जाएगा

मुक्त हुए बच्चों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत कर बाल गृह में रखा जाता है, बाद में परिजनों को सूचित कर काउंसलिंग कराई जाती है। सरकार की योजना के तहत, बाल श्रमिकों के परिजनों को ₹4000 मासिक स्कॉलरशिप, राशन, और अन्य सरकारी लाभ से जोड़ा जाएगा ताकि बच्चे दोबारा श्रम में न लौटें।

न्यूज़ देखो: बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना ज़रूरी

न्यूज़ देखो की नजर ऐसे सभी मामलों पर बनी रहेगी।
हर एक बच्चे को उसके अधिकार दिलाने और बाल तस्करी को जड़ से खत्म करने तक हमारी निगरानी जारी रहेगी — हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बचपन नहीं बिकेगा, अब बंद होगी मजबूरी

बाल श्रम समाज पर एक कलंक है। पलामू जिला प्रशासन और श्रम विभाग ने जो कदम उठाया है, वह प्रशंसनीय है।
अब जरूरत है सामूहिक जिम्मेदारी की, ताकि हर बच्चा स्कूल जाए और मजबूरी में मजदूरी न करे।

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