
#रांची #भाजपा_संगठन : राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना गया, नई टीम से 2029 की तैयारी।
झारखंड भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से चल रहे संगठन पर्व का समापन करते हुए राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। रांची में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। इसी अवसर पर भाजपा के 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम भी घोषित किए गए। यह संगठनात्मक बदलाव 2024 विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी को नई दिशा देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
- राज्यसभा सांसद आदित्य साहू बने झारखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष।
- केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने रांची में की औपचारिक घोषणा।
- 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम घोषित, कई दिग्गज नेता शामिल।
- अपने पहले भाषण में साहू ने भाजपा को मां बताया।
- 2029 में सत्ता वापसी को लेकर नेताओं ने जताया भरोसा।
झारखंड भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव सामने आया है। लंबे समय से चले आ रहे संगठन पर्व के बाद पार्टी ने राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को नया प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया है। रांची के कार्निवाल बैंकेट हॉल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड संगठन पर्व के चुनाव अधिकारी जुएल उरांव ने इसकी औपचारिक घोषणा की। आदित्य साहू इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे, जिसके चलते उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ।
संगठन पर्व का समापन, नेतृत्व में नई शुरुआत
भाजपा के इस संगठन पर्व को पार्टी के भीतर आत्ममंथन और पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है। 2024 विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह प्रक्रिया शुरू की थी। आदित्य साहू का प्रदेश अध्यक्ष बनना इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम घोषित
कार्यक्रम के दौरान 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई। इन सदस्यों में झारखंड भाजपा के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से करिया मुंडा (लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष), अर्जुन मुंडा (पूर्व मुख्यमंत्री), समीर उरांव, अन्नपूर्णा देवी, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, भानुप्रताप शाही, अभयकांत प्रसाद, गीता कोड़ा, मधु कोड़ा, प्रदीप वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इन नामों की घोषणा से स्पष्ट है कि पार्टी अनुभव और संगठनात्मक संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है।
पहला भाषण: भाजपा मेरी मां है
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले भाषण में आदित्य साहू भावुक नजर आए। उन्होंने कहा—
आदित्य साहू ने कहा: “भाजपा हमारी मां है। इस मां ने हमें जो पहचान दी है, उसका मैं आजन्म ऋणी रहूंगा।”
उन्होंने पार्टी के संस्थापक विचारकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रति आभार व्यक्त किया। साहू ने कहा कि भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को “चरैवेति-चरैवेति” का मंत्र देते हुए धैर्य और निरंतर संघर्ष की सीख दी।
बाबूलाल मरांडी को बताया बड़ा भाई
आदित्य साहू ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि अब उनका हर क्षण पार्टी के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने दोहराया कि भाजपा की असली ताकत बूथ स्तर के कार्यकर्ता हैं और आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जाएगा।
सरकार नहीं, झारखंड बचाने की हड़बड़ी
अपने भाषण में आदित्य साहू ने वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा को सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है, बल्कि झारखंड को बचाने की हड़बड़ी है। साहू ने आरोप लगाया कि 2024 चुनाव में झूठ और भ्रम के कारण भाजपा सत्ता में नहीं आ सकी, लेकिन जनता का विश्वास आज भी पार्टी के साथ है।
उन्होंने राज्य में जमीन लूट, घुसपैठियों की बढ़ती संख्या, संथाल क्षेत्र में मतदाताओं की असामान्य वृद्धि (78.6%) और पेसा नियमावली में कथित छल जैसे मुद्दों को उठाया। साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है, जबकि विपक्ष इस पर विरोध कर रहा है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने नए प्रदेश अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं।
समीर उरांव ने कहा कि नई टीम जोश और समर्पण के साथ काम करेगी और लक्ष्य 2029 में भाजपा की सत्ता में वापसी है।
पीएन सिंह ने आदित्य साहू को “24 कैरेट भाजपाई” बताते हुए कहा कि वे दो दशक पहले उन्हें रांची ग्रामीण का अध्यक्ष बना चुके हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने साहू को सौम्य और मिलनसार नेता बताते हुए विश्वास जताया कि वे सभी को साथ लेकर पार्टी को आगे बढ़ाएंगे।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि साहू के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा और 2029 में भाजपा की सरकार बनेगी।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने ओडिशा भाजपा की सफलता की कहानी साझा करते हुए कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। वहीं बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली और विकास में बाधाओं के बावजूद भाजपा एक-एक बूथ को मजबूत कर आगे बढ़ेगी।
न्यूज़ देखो: नई टीम, नई रणनीति
आदित्य साहू का प्रदेश अध्यक्ष बनना झारखंड भाजपा के लिए संगठनात्मक पुनर्गठन का संकेत है। 2024 की हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने अनुभव और जमीनी जुड़ाव को प्राथमिकता दी है। आने वाले वर्षों में यह टीम किस तरह जन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ती है, यह राजनीति की दिशा तय करेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संगठन से सत्ता तक का सफर कार्यकर्ताओं के हाथ में
भाजपा में बूथ स्तर से शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने की संभावना आज भी जीवित है।
नई जिम्मेदारियों के साथ कार्यकर्ताओं की भूमिका और भी अहम हो गई है।
झारखंड की राजनीति अब संगठनात्मक मजबूती की नई परीक्षा से गुजर रही है।
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