
#गिरिडीह #ठंड_राहत : जिले में जरूरतमंदों को कंबल और अलाव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने कई त्वरित कदम उठाए
- गिरिडीह जिला प्रशासन ने ठंड से राहत के लिए 68 हजार कंबलों के वितरण की घोषणा की।
- इन कंबलों का 50% प्रखंडों–पंचायतों और 50% जनप्रतिनिधियों–अधिकारियों द्वारा वितरित किया जाएगा।
- मुख्य चौक-चौराहों और मजदूर बस्तियों में अलाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- अब तक 6000 से अधिक नए राशन कार्ड तैयार किए गए और नाम सुधार भी तेजी से जारी।
- प्रशासन का लक्ष्य—हर वंचित–जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं से जोड़ना।
ठंड एवं शीतलहरी के तीव्र होते प्रभाव को देखते हुए गिरिडीह जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए त्वरित और व्यापक कदम उठाए हैं। बुधवार से जिले में कंबल वितरण का बड़ा अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत करीब 68 हजार कंबल जरूरतमंदों तक पहुँचाए जाएंगे। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी गरीब, दिहाड़ी मजदूर या बेसहारा व्यक्ति ठंड से परेशान न हो। इसके साथ ही शहर एवं प्रखंडों के प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। दूसरी ओर, जनता दरबार में लगातार बढ़ती राशन कार्ड शिकायतों के समाधान हेतु आपूर्ति विभाग को तेज कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में नए कार्ड बनाए गए हैं।
कंबल वितरण अभियान की पूरी तैयारी
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कंबल वितरण प्रक्रिया को व्यापक और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
68,000 कंबलों में से:
- 50% कंबल सभी प्रखंडों एवं पंचायतों को भेजे गए।
- शेष 50% कंबल स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सीधे जरूरतमंदों को दिए जाएंगे।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सर्दी का प्रभाव बढ़ने से पहले हर उस घर तक कंबल पहुँचे, जहां उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
लगातार बढ़ रही ठंड—अलाव की व्यवस्था मजबूत
जिला प्रशासन ने शहर के सभी महत्वपूर्ण चौक-चौराहों, बस स्टैंड, बाजारों, मजदूर बस्तियों, दिहाड़ी श्रमिक इलाकों एवं प्रमुख सड़क मार्गों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।
सभी अधिकारियों को:
- नियमित निगरानी,
- लकड़ी की उपलब्धता,
- अलाव के सही समय पर जलने,
के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि अलाव व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी ताकि रात और सुबह के समय लोगों को ठंड से राहत मिल सके।
राशन कार्ड से संबन्धित शिकायतों पर तेज कार्रवाई
जनता दरबार में लगातार राशन कार्ड से जुड़ी समस्याएँ सामने आ रही थीं। इसी आधार पर आपूर्ति विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
उपलब्धि
- 6000 से अधिक नए राशन कार्ड तैयार।
- हजारों परिवारों के नाम सुधार का कार्य पूरा।
- जिला प्रशासन के अनुसार 10,000 नए राशन कार्ड बनाने की और गुंजाइश है।
- पात्र लाभुकों के लिए कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को और तेज किया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी लाभुक सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं से वंचित न रह जाए।
जिला प्रशासन का व्यापक लक्ष्य: वंचितों तक योजनाओं की 100% पहुँच
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि ठंड से सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर जरूरतमंद परिवार तक राहत पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि:
- लाभुकों का सत्यापन,
- कार्ड निर्माण,
- कंबल एवं अलाव उपलब्धता,
- और फील्ड मॉनिटरिंग,
समय पर और पारदर्शी ढंग से की जाए।
न्यूज़ देखो: गरीबों तक राहत पहुँचाने की गंभीर पहल
गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण और अलाव व्यवस्था को लेकर तेज़ पहल यह दर्शाती है कि प्रशासन नागरिकों की तात्कालिक जरूरतों को गंभीरता से समझता है। हालांकि निगरानी और वितरण की पारदर्शिता भविष्य में इसकी सफलता तय करेगी। राहत कार्यों को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू किए जाने की जरूरत बनी रहेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज की मदद में कदम बढ़ाएँ, ठंड से किसी को न होने दें परेशान
ठंड के इस मौसम में किसी गरीब, बेघर या असहाय व्यक्ति को ठिठुरते देखना सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने आस-पास ऐसे परिवारों की पहचान करें जिन्हें कंबल या गर्म कपड़ों की जरूरत है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक सही जानकारी पहुँचाएँ ताकि राहत समय पर मिले।
आपकी छोटी जागरूकता किसी की जान बचा सकती है।
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