Giridih

साप्ताहिक जनता दरबार में प्रशासन की सक्रियता, 100 से अधिक शिकायतों पर सुनवाई, कई मामलों का त्वरित समाधान

#गिरिडीह #जिलाकार्यालय #जनतादरबार : सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश।

जिले के कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों की व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं पर प्रशासन ने गंभीरता से सुनवाई की। इस दौरान 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह जनता दरबार प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में सामने आया।

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  • साप्ताहिक जनता दरबार में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
  • भूमि विवाद, पेंशन, रोजगार, आवास, राशन कार्ड से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
  • कई समस्याओं का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
  • शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
  • सभी आवेदनों को जन समाधान पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश।

उपायुक्त महोदय गिरिडीह श्री रामनिवास यादव ने जिले में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार एक बार फिर प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बना। कार्यालय प्रकोष्ठ में लगे इस जनता दरबार में सुबह से ही फरियादियों का तांता लगा रहा। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी।

जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उन्हें समाधान के लिए भटकने से बचाना रहा। प्रशासन द्वारा प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुना गया और विषय की प्रकृति के अनुसार संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

किन समस्याओं को लेकर पहुंचे लोग

आज आयोजित जनता दरबार में कुल 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रमुख रूप से—

  • भूमि विवाद और अंचल से जुड़े मामले
  • पेंशन (वृद्धा, विधवा, दिव्यांग) से संबंधित शिकायतें
  • पारिवारिक एवं सामाजिक विवाद
  • रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े आवेदन
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
  • आवास योजना और राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं

प्रशासन ने सभी आवेदनों पर क्रमवार सुनवाई करते हुए फरियादियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

मौके पर ही हुआ कई मामलों का समाधान

जनता दरबार के दौरान कई ऐसे आवेदन सामने आए, जिनका समाधान तत्काल संभव था। संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ऐसे मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। इससे फरियादियों के चेहरे पर संतोष और राहत साफ नजर आई।

कई लोगों ने बताया कि लंबे समय से वे अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन जनता दरबार के माध्यम से उन्हें सीधे समाधान मिला।

अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
  • समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी न हो।
  • जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
  • जिन मामलों में समय लगता है, वहां भी प्रगति की जानकारी आवेदक को दी जाए।

यह भी कहा गया कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जन समाधान पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य

प्रशासन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों को तय समय सीमा के भीतर जन समाधान पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
यह पोर्टल खास तौर पर जन समस्याओं के त्वरित निष्पादन और कार्रवाई की ऑनलाइन जानकारी देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इससे न केवल आवेदनों की निगरानी आसान होती है, बल्कि फरियादी भी यह जान पाते हैं कि उनकी शिकायत किस स्तर पर लंबित है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।

प्रशासन की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता

इस अवसर पर यह स्पष्ट कहा गया कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है। जनता दरबार इसी जिम्मेदारी को निभाने का एक प्रभावी माध्यम है, जहां आम नागरिक बिना किसी औपचारिक बाधा के अपनी बात रख सकता है।

प्रशासन ने माना कि जब समस्याओं का समाधान सीधे संवाद के माध्यम से होता है, तो इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता आती है, बल्कि जनता का भरोसा भी प्रशासनिक व्यवस्था पर मजबूत होता है।

न्यूज़ देखो: जनता दरबार से मजबूत होता प्रशासनिक भरोसा

जनता दरबार यह दिखाता है कि यदि प्रशासन सक्रिय और संवेदनशील हो, तो आम नागरिकों की कई समस्याओं का समाधान बिना लंबी प्रक्रिया के संभव है। 100 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई और कई मामलों का त्वरित निष्पादन इस बात का प्रमाण है कि संवाद आधारित प्रशासन व्यवस्था जनहित में प्रभावी साबित हो रही है। आने वाले समय में इन निर्देशों के धरातल पर उतारने की चुनौती रहेगी, जिस पर प्रशासन की निरंतर निगरानी आवश्यक होगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जब प्रशासन सुनता है, तभी समाधान संभव होता है

जनता दरबार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की आवाज को सीधे सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने का माध्यम है। ऐसे प्रयास तभी सफल होते हैं, जब जनता भी अपनी समस्याओं को सही तरीके से और समय पर सामने लाए। यदि आप भी किसी जनसमस्या से जूझ रहे हैं, तो जागरूक बनें, अपनी बात रखें और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जिम्मेदार नागरिक होने का दायित्व निभाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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