
#गढ़वा #प्रशासनिक_संवाद : सदर एसडीएम संजय कुमार ने फुटवियर व्यवसायियों के साथ बाजार व्यवस्था, फुटपाथ प्रबंधन और सामाजिक अभियान में भागीदारी पर चर्चा की।
- सदर एसडीएम संजय कुमार ने फुटवियर व्यवसायियों से की मुलाकात।
- दुकान संचालन, भीड़भाड़ और फुटपाथ अतिक्रमण जैसे मुद्दे उठे।
- बाजार प्रबंधन, लाइसेंसिंग, सुरक्षा और सफाई पर विस्तार से बातचीत।
- व्यापारियों ने ‘आइये खुशियां बांटें’ अभियान में जूते-चप्पल देने की पेशकश की।
- मोहम्मद मिशब उल हक, मोहम्मद इरफान, राकेश पाल सहित कई व्यवसायियों ने अपने सुझाव रखे।
- एसडीएम ने कहा— प्रशासन का लक्ष्य “सुरक्षित, स्वच्छ और सहयोगी बाजार वातावरण” बनाना है।
गढ़वा में प्रशासन और व्यापारियों के बीच सहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम “कॉफ़ी विद एसडीएम” में इस बार फुटवियर व्यवसायियों को आमंत्रित किया गया। सदर एसडीएम संजय कुमार ने व्यापारियों से स्थानीय बाजारों की चुनौतियों, दुकानदारों की व्यावहारिक समस्याओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी आवश्यकताओं पर खुला संवाद किया।
फुटपाथ अतिक्रमण, भीड़भाड़, पार्किंग, सफाई व्यवस्था, लाइसेंसिंग और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापारियों ने विस्तार से अपनी बातें रखीं। एसडीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि प्रशासन व्यापार को सहयोगी वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है और बेहतर बाजार व्यवस्था के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
बाजार गतिविधियों और सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से ऐसे समाधान ढूंढना है, जिनसे बाजार व्यवस्थित और सुरक्षित बन सके। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिया कि—
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फुटपाथ प्रबंधन सुधारा जाएगा,
- पार्किंग के लिए व्यवस्थित विकल्प तैयार किए जाएंगे,
- बाजार में स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था पर सख्ती के निर्देश दिए जाएंगे,
- लाइसेंसिंग और नियमों से जुड़ी दिक्कतों का सरलीकरण करने पर भी विचार होगा।
व्यापारियों ने बाजार के भीतर बढ़ती भीड़ और सड़क किनारे पार्किंग से उत्पन्न अव्यवस्था को प्रमुख समस्या बताया और प्रशासन से उचित चिन्हांकन और नियमित निगरानी की मांग की।
“आइये खुशियां बांटें” अभियान में व्यापारियों ने दिखाई भावनात्मक एकजुटता
बैठक में शामिल फुटवियर डीलरों और दुकानदारों ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे संवेदनशील सामाजिक अभियान “आइये खुशियां बांटें” की खुलकर सराहना की।
व्यापारियों ने प्रस्ताव रखा कि वे भी जरूरतमंदों तक जूते-चप्पल उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहते हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा:
“व्यापारियों की यह पहल सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल है। ऐसे प्रयासों से प्रशासन और समाज के बीच विश्वास और मजबूत होता है।”
उन्होंने सभी व्यवसायियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जन–सहभागिता से ही ऐसे अभियानों को व्यापक सफलता मिलती है।
बैठक में बोले व्यापारियों– उद्यमियों के प्रतिनिधि
इस संवाद कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित व्यापारियों ने अपनी राय रखी, जिनमें प्रमुख रूप से मोहम्मद मिशब उल हक (प्रोपराइटर, जामिया फुटवियर), मोहम्मद इरफान (प्रोपराइटर, गरीब नवाज शू स्टोर), राकेश पाल (समाजसेवी), मोहम्मद अहसान, मोहम्मद अरमान और अजहरुद्दीन मौजूद रहे।
इन सभी ने बाजार में व्यवस्था सुधार, व्यापारिक वातावरण को सुरक्षित बनाने और प्रशासन–व्यापारी तालमेल के महत्व पर अपने विचार रखे।
प्रशासन–व्यापारी साझेदारी का सकारात्मक संदेश
बैठक के अंत में एसडीएम ने कहा कि संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि—
- बाजार तभी व्यवस्थित होगा जब प्रशासन और व्यवसायी दोनों मिलकर काम करें,
- शहर की साफ-सफाई, सुरक्षा और अनुशासन सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है।



न्यूज़ देखो: संवाद से विकास की राह मजबूत
गढ़वा में “कॉफ़ी विद एसडीएम” जैसा संवाद मंच न सिर्फ शिकायत-निवारण का माध्यम बना है, बल्कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास का पुल भी तैयार कर रहा है। फुटवियर व्यवसायियों का “आइये खुशियां बांटें” अभियान में जुड़ना सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल है। इस तरह की पहलें शहर को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सहयोगी दिशा देती हैं।
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शहर की व्यवस्था तभी सुधरेगी जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। व्यापारियों के सहयोग ने एक सकारात्मक दिशा दिखाई है—अब बारी हमारी है कि हम भी व्यवस्था, साफ-सफाई और सामाजिक अभियानों में सक्रिय योगदान दें।
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