
#गढ़वा #राशन_वितरण : अनियमितता की शिकायतों के बाद बीडीओ के नेतृत्व में एफसीआई गोदाम की गहन जांच शुरू।
गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड में राशन वितरण में अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इसी क्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में एक तकनीकी टीम ने केतार स्थित एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनाज भंडारण, स्टॉक रजिस्टर और वितरण से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- भवनाथपुर प्रखंड में राशन वितरण को लेकर लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें।
- बीडीओ के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने केतार एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण किया।
- गोदाम में वास्तविक स्टॉक और रजिस्टर का आपसी मिलान किया गया।
- आवक–जावक और वितरण दस्तावेजों की बारीकी से जांच।
- दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई का संकेत।
भवनाथपुर प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन की यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है। लंबे समय से उपभोक्ताओं द्वारा कम राशन मिलने, वजन में गड़बड़ी और वितरण में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब सीधे भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला की जांच शुरू कर दी है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित तकनीकी टीम ने केतार स्थित एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण कर पूरे तंत्र की पड़ताल की। इस दौरान गोदाम में मौजूद अनाज की मात्रा, उसकी गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति को परखा गया।
केतार एफसीआई गोदाम में जांच की पूरी प्रक्रिया
स्टॉक और रजिस्टर का मिलान
निरीक्षण के दौरान टीम ने गोदाम में मौजूद वास्तविक अनाज स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद स्टॉक रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों से इसका मिलान किया गया। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि कहीं कागजों में दर्ज मात्रा और वास्तविक भंडारण में कोई अंतर तो नहीं है।
इसके अलावा यह भी जांचा गया कि गोदाम से राशन की निकासी किन तिथियों में हुई, किन डीलरों को कितनी मात्रा में आपूर्ति की गई और क्या यह आपूर्ति सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप थी।
दस्तावेजों की बारीकी से जांच
आवक–जावक और वितरण पर नजर
जांच टीम ने राशन की आवक और जावक से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की। इसमें परिवहन से संबंधित कागजात, वितरण रजिस्टर और गोदाम प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल थे। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कहीं किसी स्तर पर अनाज की हेराफेरी या गड़बड़ी तो नहीं की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया जाता है, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा।
बीडीओ का स्पष्ट संदेश
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राशन जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीडीओ ने कहा:
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा: “सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जांच में यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई तय है।”
प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल
जनता को कार्रवाई की उम्मीद
प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से भवनाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है। राशन डीलरों और गोदाम से जुड़े लोगों में भी हलचल देखी जा रही है। वहीं आम जनता को उम्मीद है कि इस जांच के बाद लंबे समय से चली आ रही राशन गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन इस बार प्रशासन के सख्त रुख से भरोसा बढ़ा है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर उठते सवाल
पारदर्शिता की जरूरत
राशन वितरण व्यवस्था गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में यदि इस प्रणाली में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है। भवनाथपुर प्रखंड में हुई यह जांच न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जिले के लिए एक संदेश है कि प्रशासन अब इस मुद्दे पर गंभीर है।
आगे क्या?
रिपोर्ट के बाद तय होगी दिशा
अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और कौन इसके लिए जिम्मेदार है। प्रशासनिक कार्रवाई से यह भी संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य गोदामों और राशन वितरण केंद्रों की भी जांच हो सकती है।
न्यूज़ देखो: राशन व्यवस्था में जवाबदेही की कसौटी
भवनाथपुर में एफसीआई गोदाम का औचक निरीक्षण यह दिखाता है कि प्रशासन अब शिकायतों को हल्के में नहीं ले रहा। राशन जैसी मूलभूत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। यदि जांच निष्पक्ष रही और दोषियों पर कार्रवाई हुई, तो यह आम जनता के भरोसे को मजबूत करेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पारदर्शी व्यवस्था की ओर एक कदम
राशन वितरण में ईमानदारी केवल प्रशासन की नहीं, पूरे तंत्र की जिम्मेदारी है।
जब आम लोग जागरूक होते हैं, तभी व्यवस्था सुधरती है।
यदि आपके क्षेत्र में भी राशन से जुड़ी समस्या है, तो अपनी आवाज़ उठाएं।
खबर को साझा करें, कमेंट में अपनी राय लिखें और जागरूक समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।




