
#देवघर #सड़क_सुरक्षा : सड़क सुरक्षा माह में ओवरलोडिंग जांच और जागरूकता कार्यक्रमों से बढ़ाई गई सतर्कता।
देवघर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा माह 2026 के 17वें दिन कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई के साथ नुक्कड़ नाटक और शपथ कार्यक्रमों के जरिए आम जनता को नियमों के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।
- डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह के तहत कार्रवाई।
- जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में सघन वाहन जांच।
- दो ओवरलोडिंग हाईवा वाहन JH09BJ3686 और JH09BB9168 जब्त।
- देवीपुर थाना में सुरक्षार्थ रखे गए ओवरलोडिंग वाहन।
- सोनरायठाड़ी, तिलकपुर और बालीडीह में सड़क सुरक्षा नुक्कड़ नाटक।
- सारठ प्रखंड में सड़क सुरक्षा शपथ और जागरूकता वाहन रवाना।
सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत देवघर जिले में प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और जन-जागरूकता दोनों को समान रूप से प्राथमिकता दी। 17वें दिन आयोजित कार्यक्रमों में सघन वाहन जांच, नुक्कड़ नाटक, शपथ समारोह और जागरूकता वाहन रैली शामिल रही। इन प्रयासों का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति सचेत करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और सक्रियता से अभियान को मजबूती मिली।
ओवरलोडिंग वाहनों पर सख्त कार्रवाई
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के स्पष्ट निर्देशानुसार जिला परिवहन विभाग द्वारा ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में की गई सघन वाहन जांच के दौरान दो ओवरलोडिंग हाईवा वाहन—JH09BJ3686 और JH09BB9168—को पकड़ा गया। दोनों वाहनों को नियमानुसार देवीपुर थाना में सुरक्षार्थ रखा गया। प्रशासन का मानना है कि ओवरलोडिंग न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का भी प्रमुख कारण बनती है।
सड़क सुरक्षा माह के तहत बहुआयामी कार्यक्रम
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए प्रशासन ने जन-जागरूकता को भी विशेष महत्व दिया। इसी क्रम में सोनरायठाड़ी बाजार, तिलकपुर और बालीडीह क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा आधारित नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। इन नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम लोगों को सरल और प्रभावी ढंग से यातायात नियमों, सावधानी और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
शपथ समारोह और जागरूकता वाहन रैली
इसके अलावा सारठ प्रखंड, अंचल और थाना क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा शपथ समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में अधिकारियों, कर्मियों और आम नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ ली। साथ ही, सड़क सुरक्षा संदेशों से सुसज्जित जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि दूर-दराज के इलाकों तक भी यह संदेश पहुंच सके। इस पहल का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा की ड्राइविंग आदतों में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना रहा।
सड़क सुरक्षा के प्रमुख संदेशों पर जोर
अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। इनमें Good Samaritan योजना, हिट एंड रन मुआवजा योजना, तेज और खतरनाक गति से वाहन चलाने के दुष्परिणाम, हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट का महत्व, और विचलित ड्राइविंग के खतरे शामिल रहे। इसके अलावा इंडिकेटर के सही प्रयोग, गलत दिशा में वाहन चलाने के जानलेवा परिणाम, हेडलाइट के शिष्टाचारपूर्ण उपयोग और नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं की जानकारी भी दी गई।
आम जनता की सहभागिता से बढ़ी प्रभावशीलता
इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की सहभागिता ने अभियान को और प्रभावी बनाया। नुक्कड़ नाटकों और शपथ समारोह के दौरान लोगों ने सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जब प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करते हैं, तो सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रयास
प्रशासन का मानना है कि ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और नियमों के पालन से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। जिला परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर जोर देता है, ताकि सड़क सुरक्षा को एक अभियान नहीं, बल्कि जन-आदत बनाया जा सके।
न्यूज़ देखो: सख्ती और जागरूकता का संतुलित मॉडल
देवघर में सड़क सुरक्षा माह के तहत की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि जागरूकता के जरिए व्यवहार में बदलाव लाने पर भी ध्यान दे रहा है। ओवरलोडिंग पर सख्ती और नुक्कड़ नाटकों जैसे प्रयास संतुलित मॉडल प्रस्तुत करते हैं। अब जरूरत है कि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहे और निगरानी तंत्र मजबूत हो। सड़क सुरक्षा में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, जिम्मेदार नागरिक
सड़क पर हर नियम किसी न किसी जीवन की सुरक्षा से जुड़ा होता है। छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यदि हम स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
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