News dekho specials
Deoghar

सरस्वती पूजा पर प्रशासन सख्त, देवघर में विसर्जन, ध्वनि और सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी

#देवघर #सरस्वती_पूजा : शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूजा समितियों और आम लोगों के लिए गाइडलाइन लागू।

सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी को लेकर देवघर जिले में शांति और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर देवघर और मधुपुर अनुमंडल क्षेत्रों में विस्तृत गाइडलाइन लागू की गई है। इसमें विसर्जन प्रक्रिया, ध्वनि नियंत्रण और धार्मिक सौहार्द से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है। प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर जिला प्रशासन सख्त।
  • देवघर और मधुपुर अनुमंडल क्षेत्र में दिशा-निर्देश लागू।
  • विसर्जन के दौरान गहरे नदी या तालाब में जाने पर रोक
  • धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध
  • रात 10 बजे तक केवल साधारण माइक के उपयोग की अनुमति।
  • उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी के मौके पर जिले में किसी भी तरह की अव्यवस्था या विवाद से बचने के लिए देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पूजा के दौरान भीड़, विसर्जन जुलूस और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है।

उपायुक्त के निर्देश पर जारी हुई गाइडलाइन

देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने सरस्वती पूजा के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन देवघर सदर और मधुपुर अनुमंडल दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पूजा समितियों, आयोजकों और आम नागरिकों को इन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

विसर्जन को लेकर स्पष्ट नियम

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में विसर्जन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है। सभी पूजा समितियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि विसर्जन के दौरान गहरे नदी, तालाब या जलाशय में प्रवेश न करें। यह निर्णय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित और सुरक्षित स्थानों पर ही किया जाएगा।

धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर

सरस्वती पूजा के दौरान सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे, या विवादस्पद गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूजा या विसर्जन जुलूस के दौरान यदि किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर नियंत्रण

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम तय किए हैं। निर्देशों के अनुसार, पूजा के दौरान लाउडस्पीकर या तेज ध्वनि वाले उपकरणों की अनुमति नहीं होगी। केवल साधारण माइक का उपयोग किया जा सकेगा और वह भी रात 10 बजे तक। किसी भी तरह के अश्लील गीत या दूसरे धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करने वाले गानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

कानून और न्यायालय के निर्देशों का पालन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये सभी व्यवस्थाएं लाउडस्पीकर अधिनियम और उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित पूजा समिति या व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें ध्वनि प्रदूषण, शांति भंग करने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

सरस्वती पूजा के दौरान देवघर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन स्थल तक हर स्तर पर शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

News dekho specials

पूजा समितियों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण सहयोग करें। समितियों से कहा गया है कि वे स्वयंसेवकों की तैनाती करें, भीड़ नियंत्रण में मदद करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही त्योहार को शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।

पहले भी मिल चुका है सकारात्मक सहयोग

पिछले वर्षों में देवघर जिले में त्योहारों के दौरान पूजा समितियों और आम लोगों ने प्रशासन के साथ अच्छा सहयोग किया है। इसी उम्मीद के साथ इस बार भी प्रशासन ने भरोसा जताया है कि सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न होगी।

शांति और अनुशासन से ही सफल होगा आयोजन

सरस्वती पूजा ज्ञान, संयम और संस्कार का पर्व है। प्रशासन ने कहा है कि यदि सभी लोग नियमों का पालन करेंगे, तो यह पर्व समाज में सकारात्मक संदेश देगा। थोड़ी सी लापरवाही न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, बल्कि उत्सव की खुशी भी फीकी पड़ सकती है।

न्यूज़ देखो: त्योहार में अनुशासन ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

देवघर प्रशासन के सख्त निर्देश यह दर्शाते हैं कि शांति और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विसर्जन और ध्वनि नियंत्रण पर जोर देकर प्रशासन ने संभावित जोखिमों को पहले ही कम करने की कोशिश की है। अब यह जिम्मेदारी पूजा समितियों और आम नागरिकों की है कि वे नियमों का पालन कर व्यवस्था बनाए रखें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शांति से मनाएं पर्व, यही सच्ची भक्ति है

सरस्वती पूजा केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन का संदेश है।
जब हम नियमों का पालन करते हैं, तभी त्योहार की गरिमा बनी रहती है।
आइए, शांति और सौहार्द के साथ मां सरस्वती की आराधना करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि यह पर्व सभी के लिए सुरक्षित और आनंदमय बन सके।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर
Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: