
#गिरिडीह #परीक्षा_तैयारी : नकलमुक्त परीक्षा के लिए बुनियादी सुविधाओं व सुरक्षा पर विशेष जोर।
गिरिडीह जिले में 03 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों को लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव ने गांवा प्रखंड के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, रोशनी, सीसीटीवी, सुरक्षा, फर्स्ट एड और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उपायुक्त ने सभी केंद्रों पर समय से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन ने नकलमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
- 03 फरवरी से शुरू होंगी मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं।
- डीसी रामनिवास यादव ने गांवा प्रखंड के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
- बिजली, पानी, शौचालय, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर।
- फर्स्ट एड व एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- जिले में मैट्रिक 40,827 और इंटर 27,137 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
गिरिडीह जिले में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलमुक्त आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त रामनिवास यादव ने गांवा प्रखंड के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय और रोशनी की उपलब्धता को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से शौचालय और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया, ताकि लंबी परीक्षा अवधि के दौरान छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
डीसी ने परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे की स्थिति की जांच की और निर्देश दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील अवस्था में रहें। उन्होंने कहा कि नकलमुक्त परीक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत होना आवश्यक है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
आपात स्थिति के लिए फर्स्ट एड और एम्बुलेंस
उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी केंद्रों पर फर्स्ट एड किट उपलब्ध रखने और नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा:
रामनिवास यादव ने कहा: “परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी व्यवस्थाएं समय से और पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित हों।”
नकलमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा पर प्रशासन का जोर
निरीक्षण के दौरान डीसी ने यह भी कहा कि परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए। परीक्षा केंद्रों के आसपास असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया।
परीक्षार्थियों की संख्या और केंद्रों की जानकारी
जिले में इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले में मैट्रिक परीक्षा में 40,827 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में 27,137 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनके लिए 63 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस व्यापक व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन द्वारा हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से पहले सभी तैयारियों की दोबारा समीक्षा कर ली जाए। किसी भी कमी की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
न्यूज़ देखो: परीक्षा की शुचिता प्रशासन की कसौटी
मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर गिरिडीह प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि नकलमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। डीसी रामनिवास यादव का गांवा प्रखंड के केंद्रों का निरीक्षण यह संदेश देता है कि छोटी से छोटी व्यवस्था भी प्रशासन की नजर में है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी ढंग से होता है और परीक्षार्थियों को कितना सुरक्षित व सुविधाजनक माहौल मिल पाता है।
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मेहनत, ईमानदारी और व्यवस्था से तय होगा भविष्य
बोर्ड परीक्षा छात्रों के जीवन का अहम पड़ाव होती है, जहां मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी बनती है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराए, ताकि हर छात्र अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ सके।
अब समय है कि छात्र, अभिभावक और प्रशासन मिलकर इस प्रक्रिया को सफल बनाएं। आपकी नजर में परीक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए क्या कदम जरूरी हैं? अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को दूसरों तक पहुंचाएं और जिम्मेदार नागरिक होने का दायित्व निभाएं।



