
#बरवाडीह #लातेहार #बालिका_शिक्षा : आवासीय विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा व सुविधाओं के साथ कक्षा छह में नामांकन शुरू।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा छह में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार इच्छुक अभिभावक 22 जनवरी से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई है। यह विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। नामांकन प्रक्रिया बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बरवाडीह में सत्र 2026–27 हेतु नामांकन प्रारंभ।
- कक्षा छह में नामांकन के लिए 22 जनवरी से आवेदन उपलब्ध।
- आवेदन पत्र विद्यालय कार्यालय व प्रखंड संसाधन केंद्र, बरवाडीह से निःशुल्क।
- पूर्ण आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी।
- विद्यालय में निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और पुस्तकें उपलब्ध।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया विशेष रूप से कक्षा छह में प्रवेश के लिए आरंभ की गई है, जिससे क्षेत्र की जरूरतमंद और योग्य बालिकाओं को आवासीय वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
विद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार इच्छुक अभिभावक अपनी बालिकाओं के नामांकन के लिए आवेदन पत्र 22 जनवरी से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र पूरी तरह निःशुल्क हैं और इन्हें विद्यालय कार्यालय तथा प्रखंड संसाधन केंद्र, बरवाडीह से लिया जा सकता है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी निर्धारित की गई है, जबकि भरे हुए आवेदन पत्र 24 जनवरी से 20 फरवरी तक जमा किए जा सकते हैं।
नामांकन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथियों के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए अभिभावकों से अपील की गई है कि वे समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें।
महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
- आवेदन पत्र प्राप्त करने की शुरुआत: 22 जनवरी
- आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि: 18 फरवरी
- आवेदन पत्र जमा करने की अवधि: 24 जनवरी से 20 फरवरी
आवेदन पत्र विद्यालय कार्यालय अथवा प्रखंड संसाधन केंद्र, बरवाडीह में जमा किए जा सकते हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि आवेदन पत्र पूरी तरह और सही तरीके से भरा होना चाहिए, ताकि आगे की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की विशेषताएं
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एक आवासीय विद्यालय है, जिसे विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं के लिए संचालित किया जाता है। विद्यालय में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवास, भोजन, पुस्तकें, गणवेश और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
विद्यालय की शिक्षिका सह वार्डेन ने बताया कि यहां छात्राओं को सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरणादायक वातावरण में शिक्षा दी जाती है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं के नैतिक, सामाजिक और मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और भविष्य में समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी बालिकाओं का नामांकन अवश्य कराएं, विशेषकर वे परिवार जो संसाधनों की कमी के कारण अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से बाहर रह गई बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। यह योजना उन क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी रही है, जहां सामाजिक, आर्थिक या भौगोलिक कारणों से बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
बरवाडीह प्रखंड में यह विद्यालय वर्षों से बालिका शिक्षा को मजबूती प्रदान कर रहा है। यहां पढ़कर कई छात्राएं आगे चलकर उच्च शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर चुकी हैं। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि समय पर नामांकन और नियमित पढ़ाई से बालिकाओं का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है।
अभिभावकों की भूमिका और जिम्मेदारी
विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नामांकन प्रक्रिया में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। समय पर आवेदन करना, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना और बालिकाओं को विद्यालय में भेजने के लिए मानसिक रूप से तैयार करना अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शिक्षिका सह वार्डेन ने कहा:
“हम चाहते हैं कि क्षेत्र का कोई भी योग्य बच्ची शिक्षा से वंचित न रहे। समय-सीमा के भीतर आवेदन कर अभिभावक अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।”
सुरक्षित वातावरण में सर्वांगीण विकास
विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं के स्वास्थ्य, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और जीवन कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था इस विद्यालय की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
न्यूज़ देखो: बालिका शिक्षा की दिशा में मजबूत कदम
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत यह दर्शाती है कि सरकार और शिक्षा विभाग बालिका शिक्षा को लेकर गंभीर हैं। आवासीय व्यवस्था के साथ निःशुल्क शिक्षा जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए बड़ी राहत हैं। यदि अभिभावक जागरूक होकर समय पर आवेदन करें, तो यह योजना सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव बन सकती है। आने वाले समय में नामांकन की प्रक्रिया और चयन की पारदर्शिता पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
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बेटियों की शिक्षा से बदलेगा समाज का भविष्य
बेटियों को शिक्षित करना केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाना है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसी योजनाएं तभी सफल होंगी जब अभिभावक आगे बढ़कर इनका लाभ उठाएंगे। यदि आपके आसपास कोई बालिका शिक्षा से वंचित है, तो उसे इस अवसर की जानकारी दें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।







