
#गिरिडीह #जेटेट_परीक्षा : नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार होने से शिक्षक भर्ती का रास्ता खुलने की उम्मीद जगी।
झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए जेटेट परीक्षा को लेकर बड़ी और सकारात्मक पहल सामने आई है। करीब नौ वर्षों से लंबित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए सरकार ने नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह कदम विधानसभा के शीत सत्र में जमुआ विधायक मंजू कुमारी द्वारा मुद्दा उठाए जाने और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सामने आया है। ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा तिथि घोषित होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में रुकी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
- जेटेट-2025 के लिए नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार।
- विधानसभा शीत सत्र में जमुआ विधायक मंजू कुमारी ने उठाया था मामला।
- झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया।
- करीब 9 साल से जेटेट परीक्षा नहीं हो सकी थी।
- कैबिनेट मंजूरी के बाद परीक्षा तिथि घोषित होने की संभावना।
झारखंड में लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। राज्य में हजारों प्रशिक्षित युवा वर्षों से जेटेट परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इसी परीक्षा के आधार पर प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति होती है। अब सरकार द्वारा नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार किए जाने से यह उम्मीद जगी है कि वर्षों से अटकी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द ही आगे बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
विधानसभा में उठा युवाओं का मुद्दा
जेटेट परीक्षा को लेकर यह मामला विधानसभा के शीत सत्र के दौरान गंभीरता से उठाया गया था। जमुआ की माननीय विधायक मंजू कुमारी ने सदन में झारखंड के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा यह विषय रखा। उन्होंने सरकार से स्पष्ट सवाल किया कि जब तक जेटेट परीक्षा नहीं होगी, तब तक राज्य में शिक्षक नियुक्ति कैसे संभव होगी।
मंजू कुमारी ने कहा:
“मैं युवाओं के हक और उनके भविष्य के लिए निरंतर आवाज़ उठाती रहूंगी। जेटेट परीक्षा वर्षों से लंबित है और इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।”
विधायक द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार पर प्रक्रिया तेज करने का दबाव बना, जिसका असर अब नियमावली के ड्राफ्ट के रूप में सामने आया है।
नौ साल से क्यों अटकी थी जेटेट परीक्षा
झारखंड में जेटेट परीक्षा अब तक केवल दो बार आयोजित हुई है।
- वर्ष 2013 में पहली बार
- वर्ष 2016 में दूसरी बार
इसके बाद 2017 से 2025 तक परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। इस लंबे अंतराल के कारण राज्य में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई। जेटेट पास अभ्यर्थियों के बिना नई भर्तियां संभव नहीं थीं, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी पैदा हो गई।
2024 में क्यों रद्द हुई थी परीक्षा
वर्ष 2024 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने जेटेट परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन भी जमा किए। हालांकि, नई शिक्षा नीति के तहत पात्रता मानकों में बदलाव की तैयारी के कारण परीक्षा को बीच में ही रद्द कर दिया गया।
सरकार को आशंका थी कि पुराने नियमों के आधार पर परीक्षा कराने से परिणाम बाद में कानूनी विवादों में फंस सकते हैं। इसी कारण परीक्षा को स्थगित कर नई नियमावली तैयार करने का निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बदली तस्वीर
जेटेट परीक्षा में देरी का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं होती, तब तक राज्य में कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं की जा सकती। साथ ही कोर्ट ने मार्च 2026 तक हर हाल में परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया।
इन निर्देशों के बाद सरकार ने नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की और ड्राफ्ट तैयार किया।
स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति का अवरोध खत्म होने की उम्मीद
जेटेट परीक्षा नहीं होने से राज्य के सरकारी स्कूलों में हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे।
- 6 हजार से अधिक प्राथमिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
- प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
- शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ा है।
नई नियमावली लागू होने के बाद प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में लंबे समय से अटकी भर्तियों का रास्ता खुलने की उम्मीद है।
नई नियमावली से क्या बदलेगा
सरकार का दावा है कि नई नियमावली के जरिए परीक्षा और भर्ती की प्रक्रिया को पूरी तरह कानूनी, स्पष्ट और विवाद-मुक्त बनाया गया है।
- पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर कानूनी अस्पष्टता खत्म होगी।
- भविष्य में परीक्षा और नियुक्ति को लेकर विवाद की गुंजाइश कम होगी।
- राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षक भर्ती संभव होगी।
विशेषज्ञ की राय
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के जानकार नसीम अहमद का मानना है कि नई नियमावली से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नसीम अहमद ने कहा:
“जेटेट की ड्राफ्ट नियमावली लागू होने से न केवल परीक्षा का कानूनी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, विषय चयन और आरक्षण जैसे मुद्दों पर वर्षों से चले आ रहे विवादों का समाधान होगा। इससे शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्रों को बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी।”
कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी नजर
हालांकि, सरकार ने जेटेट की नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, लेकिन अभी परीक्षा की तारीख घोषित नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी हैं। जैसे ही ड्राफ्ट को स्वीकृति मिलेगी, परीक्षा तिथि और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ हो जाएगा।
करीब नौ साल बाद जेटेट परीक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाने से अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है।
न्यूज़ देखो: जेटेट ड्राफ्ट से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा
जेटेट नियमावली का ड्राफ्ट तैयार होना यह दर्शाता है कि सरकार अब शिक्षक भर्ती को लेकर गंभीर है। वर्षों से लंबित प्रक्रिया ने न केवल युवाओं को निराश किया, बल्कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई। हाईकोर्ट के निर्देश और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद यह पहल सकारात्मक संकेत देती है। अब देखना होगा कि कैबिनेट से मंजूरी कितनी जल्दी मिलती है और परीक्षा समय पर आयोजित होती है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
युवाओं के सपनों को मिले नई उड़ान
जेटेट परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। समय पर परीक्षा और पारदर्शी भर्ती से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और योग्य युवाओं को उनका हक मिलेगा।
अब जरूरत है कि प्रक्रिया को बिना देरी के आगे बढ़ाया जाए और अभ्यर्थियों के विश्वास को कायम रखा जाए।
आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं, अपनी राय जरूर साझा करें। खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि युवाओं की यह आवाज़ मजबूत बन सके।





