महाशिवरात्रि मेले के बाद पांकी में 50 से अधिक बच्चे बीमार, अस्पताल पहुंचीं भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

महाशिवरात्रि मेले के बाद पांकी में 50 से अधिक बच्चे बीमार, अस्पताल पहुंचीं भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

author News देखो Team
0 Views
#पांकी #महाशिवरात्रि_मेला : गोलगप्पा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

पांकी क्षेत्र में महाशिवरात्रि मेले के दौरान गोलगप्पा खाने के बाद 50 से अधिक बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। अचानक तबीयत बिगड़ने पर बच्चों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे अस्पताल पहुंचीं और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने फूड सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की है।

Join WhatsApp
  • पांकी महाशिवरात्रि मेला के दौरान बच्चों की तबीयत बिगड़ी।
  • 50 से अधिक बच्चे उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती।
  • भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा।
  • स्वास्थ्य विभाग और फूड कमीशन की कार्यशैली पर उठे सवाल।
  • मिलावटी खाद्य सामग्री की आशंका, जांच की मांग।

पांकी में आयोजित महाशिवरात्रि मेले की खुशियां उस वक्त चिंता में बदल गईं जब गोलगप्पा खाने के बाद 50 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा इलाज शुरू किया गया और कई बच्चों को निगरानी में रखा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र की भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात की।

गोलगप्पा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार, बच्चे महाशिवरात्रि मेले में घूमने गए थे और वहां गोलगप्पा खाने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत खराब होने लगी। कई बच्चों को तेज पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई, जबकि कुछ को दस्त की समस्या भी हुई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई थी, जिससे मिलावटी या दूषित भोजन परोसने की आशंका जताई जा रही है।

अस्पताल पहुंचीं मंजुलता दुबे

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे अस्पताल पहुंचीं और भर्ती बच्चों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

मंजुलता दुबे ने कहा: “यह अत्यंत दुखद घटना है। मेले में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। स्वास्थ्य व्यवस्था और फूड सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि यदि खाद्य सामग्री में मिलावट पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य व्यवस्था और फूड कमीशन पर सवाल

मंजुलता दुबे ने स्वास्थ्य विभाग और फूड कमीशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मेले जैसे बड़े आयोजनों में खाद्य स्टॉल की नियमित जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की है कि मेले और सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सख्ती से जांच हो। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सभी बच्चों का इलाज जारी है और अधिकांश की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है, हालांकि अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था कर इलाज में तेजी लाई है।

न्यूज़ देखो: मेले की लापरवाही या निगरानी की कमी

पांकी की यह घटना सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करती है। यदि मेले में खाने-पीने के सामान की नियमित जांच नहीं होती, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे। बच्चों की सेहत किसी भी उत्सव से बड़ी है और सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले, सजग समाज की जिम्मेदारी

त्योहार और मेले खुशियां बांटने के लिए होते हैं, लेकिन लापरवाही इन्हें चिंता में बदल सकती है।
जरूरी है कि हम सभी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें।
प्रशासन से जवाबदेही मांगना हर नागरिक का अधिकार है।
आप भी इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
सुरक्षित आयोजन ही सच्ची खुशियों की पहचान है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: