
#गुमला #खाद्य_सुरक्षा : त्योहारों से पहले किराना दुकानों में सघन जांच, नमूने भेजे गए प्रयोगशाला।
गुमला जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न किराना प्रतिष्ठानों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान मसाले, नमकीन स्नैक्स और अन्य खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता, भंडारण और लाइसेंस की गहन जांच की गई। जांच में संदेहास्पद पाए गए उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में चला अभियान।
- मां भवानी एजेंसी, नेशनल ट्रेडर्स, अंकित ट्रेडर्स समेत कई दुकानों की जांच।
- नमकीन स्नैक्स, मसाला पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च के नमूने लिए गए।
- खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई, एक्सपायरी डेट और भंडारण की हुई जांच।
- कैल्शियम कार्बाइड से फल पकाने पर सख्त चेतावनी।
गुमला जिले में त्योहारों की नजदीकी को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। शनिवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में किराना दुकानों, मसाला प्रतिष्ठानों और थोक विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो।
शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों में हुई जांच
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुमला शहर के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित कई प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान मेसर्स मां भवानी एजेंसी, मेसर्स नेशनल ट्रेडर्स, मेसर्स अंकित ट्रेडर्स, मेसर्स गोविंद ट्रेडर्स और मेसर्स पंजाबी मसाला दुकान को शामिल किया गया।
टीम ने दुकानों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, एक्सपायरी तिथि, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही खाद्य लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को भी परखा गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रतिष्ठान नियमों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।
मसाले और नमकीन के नमूने लिए गए
जांच के दौरान कुछ खाद्य सामग्रियों के नमूने संग्रहित किए गए। मेसर्स अंकित ट्रेडर्स से नमकीन स्नैक्स, मेसर्स पंजाबी मसाला से मसाला पाउडर और मेसर्स मां भवानी एजेंसी से कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर का नमूना लिया गया। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। यदि किसी भी स्तर पर मिलावट या मानक उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैल्शियम कार्बाइड पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने फल विक्रेताओं को विशेष रूप से सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फलों को कैल्शियम कार्बाइड से पकाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और यह सीधे तौर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन है।
प्रकाश चंद्र गुग्गी ने कहा:
“कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए फल बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। यदि किसी भी दुकान में इसका उपयोग पाया गया, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
त्योहारों में बढ़ती है मिलावट की आशंका
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के साथ-साथ मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी कारण विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी जिले के अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की जांच की जाएगी।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं संदिग्ध खाद्य सामग्री, मिलावट या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से ही जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
न्यूज़ देखो: त्योहारों में स्वास्थ्य सुरक्षा की अहम पहल
गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन त्योहारों के दौरान जनस्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। मसाले, नमकीन और फलों जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों पर निगरानी जरूरी है, क्योंकि इन्हीं से आम लोगों का सीधा सरोकार होता है। अब देखना होगा कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग उपभोक्ता बनें, सुरक्षित त्योहार मनाएं
त्योहार खुशियों का समय होता है, लेकिन सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता। शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की पहचान करें, संदिग्ध चीजों से बचें और मिलावट के खिलाफ आवाज उठाएं।
आपकी सतर्कता दूसरों की सेहत बचा सकती है। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे साझा करें और जागरूकता फैलाने में हमारी मदद करें।






