अजय किराना स्टोर की पहल से 251 छठव्रतियों के बीच केले का कांधी वितरण, समाजसेवा की बनी मिसाल

अजय किराना स्टोर की पहल से 251 छठव्रतियों के बीच केले का कांधी वितरण, समाजसेवा की बनी मिसाल

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#चंदवा #छठपर्व : आस्था और सेवा के संगम में 251 छठव्रतियों के बीच अजय किराना स्टोर की ओर से केले का कांधी वितरण
  • लोक आस्था के महापर्व छठ पर अजय किराना स्टोर की ओर से सराहनीय पहल।
  • 251 छठव्रतियों को निःशुल्क केले का कांधी वितरण किया गया।
  • कार्यक्रम महेंद्र साहू ‘नेता जी’ के सी.बी. कॉम्प्लेक्स, मेन रोड चंदवा में संपन्न हुआ।
  • अंकित कुमार (गोलू) ने कहा – “यह दान नहीं, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।”
  • स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस पहल की प्रशंसा की।

चंदवा में लोक आस्था के सबसे पवित्र पर्व छठ के अवसर पर रविवार को श्रद्धा और समाजसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इंदिरा गांधी चौक स्थित अजय किराना स्टोर की ओर से 251 छठव्रतियों के बीच निःशुल्क केले का कांधी वितरण किया गया। इस सेवा कार्य ने श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया। आयोजन में स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने इसे समाजसेवा की मिसाल बना दिया।

समाजसेवा और आस्था का संगम

कार्यक्रम का आयोजन अजय किराना स्टोर के प्रोपराइटर अंकित कुमार (गोलू) की पहल पर हुआ। रविवार की सुबह से ही सी.बी. कॉम्प्लेक्स, मेन रोड चंदवा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे कार्यक्रम का संचालन पूर्व सरपंच भुनेश्वर प्रसाद, महेंद्र साहू ‘नेता जी’, कौशल लाल, अमित गुप्ता, राजकुमार पाठक, रामप्रवेश यादव, उत्कर्ष पांडेय और राजकुमार साहू के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

अंकित कुमार (गोलू) ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ वस्तु वितरण नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।

अंकित कुमार (गोलू) ने कहा: “छठ पर्व हमारी आस्था और एकता का प्रतीक है। यह वितरण कोई दान नहीं, बल्कि छठव्रतियों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का छोटा-सा प्रयास है।”

श्रद्धा, सम्मान और सामूहिकता की मिसाल

छठ पर्व के अवसर पर यह कार्यक्रम हर वर्ष की तरह इस बार भी समाजसेवा की भावना के साथ आयोजित किया गया।

महेंद्र साहू ने कहा: “हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अंकित गोलू का समाजसेवा का यह संकल्प जारी है। छठव्रतियों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”

कौशल लाल ने बताया कि केले की कांधी वितरण से व्रतियों को बहुत सुविधा हुई। बाजार की भीड़ और अफरा-तफरी से राहत मिली। वहीं, राजकुमार पाठक ने कहा कि छठ जैसे लोकपर्व में सहयोग और सामूहिक भावना ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

श्रद्धालुओं का उत्साह और सामाजिक संदेश

कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने इस पहल को मानवता और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। लोगों का कहना था कि जब व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हैं, तो समाज में एक नई सकारात्मक सोच का प्रसार होता है।

राजकुमार साहू ने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है, क्योंकि इसमें श्रद्धा, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का मेल है। कई श्रद्धालुओं ने अजय किराना स्टोर के इस आयोजन को क्षेत्र का गौरव बताया।

छठ पर्व की सामाजिक महत्ता

छठ पर्व सिर्फ पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और समानता का प्रतीक भी है। इस दौरान जब हर कोई श्रद्धा से सूर्य उपासना करता है, तब ऐसे आयोजन उस भावना को और गहराई से लोगों तक पहुंचाते हैं। चंदवा जैसे कस्बों में इस तरह की सामाजिक पहलें समाज की एकता और संवेदनशीलता को उजागर करती हैं।

न्यूज़ देखो: जब आस्था बनी समाजसेवा की प्रेरणा
अजय किराना स्टोर की यह पहल दर्शाती है कि श्रद्धा और सेवा साथ चलें तो समाज में नई ऊर्जा और एकता का संचार होता है। छोटे शहरों में इस तरह की पहलें बड़े बदलाव की नींव रखती हैं और यह बताती हैं कि समाज की असली ताकत एकजुटता और सहयोग में है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सामाजिक जागरूकता की मिसाल बने ऐसे आयोजन
छठ जैसे पर्व समाज में एकता और सम्मान का भाव जगाते हैं। ऐसे अवसरों पर जब स्थानीय लोग सेवा का संकल्प लेते हैं, तो समाज और मजबूत होता है।
आइए, हम भी ऐसी पहल का हिस्सा बनें, समाज में योगदान दें और आस्था को सेवा से जोड़ें।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को शेयर करें और संदेश फैलाएं कि श्रद्धा के साथ सेवा ही सच्चा धर्म है।

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