
#बरवाडीह #विद्यालय_निर्माण : निरीक्षण में गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज।
लातेहार के बरवाडीह प्रखंड स्थित बालिका उच्च विद्यालय के भवन निर्माण में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने निरीक्षण के दौरान घटिया सामग्री और निर्माण मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी निर्माण गुणवत्ता पर चिंता जताई है।
- बरवाडीह बालिका उच्च विद्यालय भवन निर्माण पर उठे सवाल।
- दीपक तिवारी ने निरीक्षण में उजागर की अनियमितताएं।
- निर्माण में घटिया सीमेंट और बालू उपयोग का आरोप।
- पिलर और फाउंडेशन कार्य में मानकों की अनदेखी।
- जेई ऋषिकांत चौधरी और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप।
- ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय में चल रहे भवन निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस मामले ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
निरीक्षण में सामने आईं गुणवत्ता की खामियां
सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने बताया कि भवन निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया गुणवत्ता वाले सीमेंट और बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फाउंडेशन और पिलर निर्माण में गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि फाउंडेशन के लिए तैयार किए गए कॉलम (पिलर) की ढलाई मानकों के अनुरूप नहीं की गई है।
इसके अलावा निर्माण के बाद आवश्यक पानी का पटवन भी नहीं किया जा रहा है, जो किसी भी मजबूत निर्माण के लिए जरूरी होता है।
निम्न गुणवत्ता के सरिया का इस्तेमाल
दीपक तिवारी ने यह भी बताया कि पिलर निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे रिंग (सरिया बाइंडिंग) भी निम्न गुणवत्ता के हैं।
इस तरह की लापरवाही से भवन की स्थायित्व और सुरक्षा दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप
सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
दीपक तिवारी ने कहा: “कल्याण विभाग के जेई ऋषिकांत चौधरी और संवेदक की मिलीभगत से यह निर्माण कार्य किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका निभाने में विफल साबित हो रहे हैं।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
उन्होंने चेतावनी दी कि यह भवन छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई, तो भविष्य में यह बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
इसलिए पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों में भी नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस निर्माण कार्य को लेकर गहरा असंतोष जताया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह भवन भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता क्यों
बरवाडीह का यह मामला विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। जब शिक्षा से जुड़े भवनों में ही लापरवाही बरती जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन को चाहिए कि जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे। क्या इस मामले में जिम्मेदारों को सजा मिलेगी, यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, जागरूक बनें
विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा स्थान होता है। ऐसे में निर्माण में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
आइए, हम सभी मिलकर ऐसे मामलों में आवाज उठाएं और पारदर्शिता की मांग करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जागरूकता फैलाएं।






