एनपीयू में बीएड प्रैक्टिकल में अवैध वसूली के आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग तेज

एनपीयू में बीएड प्रैक्टिकल में अवैध वसूली के आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग तेज

author News देखो Team
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#मेदिनीनगर #शिक्षा_विवाद : परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप—छात्रों से अवैध शुल्क वसूली पर सवाल।

पलामू के नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में बीएड प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। आजसू नेता राणा हिमांशु सिंह ने जांच की मांग की है। मूल्यांकन प्रक्रिया में भी अनियमितता के आरोप लगे हैं। मामले ने छात्रों में आक्रोश बढ़ा दिया है।

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  • राणा हिमांशु सिंह ने जांच की मांग उठाई।
  • बीएड प्रैक्टिकल में अवैध वसूली का आरोप
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल
  • छात्रों में आक्रोश और नाराजगी
  • दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में बीएड प्रैक्टिकल परीक्षा और अन्य पाठ्यक्रमों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर आजसू के एनपीयू प्रभारी राणा हिमांशु सिंह ने परीक्षा नियंत्रक को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों में छात्रों से निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त अवैध वसूली की जा रही है, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश है।

बीएड प्रैक्टिकल में अवैध वसूली का आरोप

राणा हिमांशु सिंह ने अपने आवेदन में कहा कि बीएड प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान छात्रों से जबरन अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं।

राणा हिमांशु सिंह ने कहा: “यह पूरी तरह गैर-कानूनी है और छात्रों के साथ अन्याय है।”

मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

उन्होंने बीसीए, पीजी सहित अन्य पाठ्यक्रमों के मूल्यांकन में भी पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि कई मामलों में छात्रों को उनके प्रदर्शन के बजाय व्यक्तिगत पहचान और पक्षपात के आधार पर अंक दिए जा रहे हैं।

मेधावी छात्रों के साथ अन्याय का आरोप

आरोप है कि मेधावी छात्रों को जानबूझकर कम अंक दिए जा रहे हैं, जबकि कुछ छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है।

एक छात्र ने कहा: “मेहनत करने के बावजूद सही मूल्यांकन नहीं मिल रहा है।”

छात्रों में बढ़ता आक्रोश

इन आरोपों के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रमुख मांगें

राणा हिमांशु सिंह ने अपनी मांगों में स्पष्ट रूप से कहा है कि—

  • बीएड प्रैक्टिकल में अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगे
  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
  • दोषी शिक्षकों और संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई हो
  • छात्रों से ली गई राशि वापस कराई जाए
  • पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाए

कुलपति को भी दी गई जानकारी

इस मामले की प्रतिलिपि विश्वविद्यालय के कुलपति को भी भेजी गई है, ताकि उच्च स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा व्यवस्था पर असर

इस तरह की अनियमितताएं शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं और छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं।

निष्पक्षता की जरूरत

छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि शिक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में भरोसा सबसे जरूरी

एनपीयू का यह मामला दिखाता है कि यदि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं रहेगी, तो छात्रों का भरोसा टूटेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा में ईमानदारी जरूरी

शिक्षा केवल डिग्री नहीं, भविष्य की नींव है।
जरूरी है कि इसमें पारदर्शिता बनी रहे।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग करें।

इस खबर को शेयर करें और छात्रों की आवाज को मजबूत करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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