
#बरवाडीह #चेकडैम_घोटाला : सांसद प्रतिनिधि ने निरीक्षण कर गंभीर खामियां उजागर कीं।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के चपरी गांव में चेक डैम जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता में कमी और पारदर्शिता की कमी को उजागर किया। निर्माण में घटिया सामग्री और बिना सूचना बोर्ड के कार्य शुरू होने पर सवाल उठाए गए हैं। मामले की जांच की मांग की गई है।
- छेचा पंचायत (बरवाडीह) में चेक डैम निर्माण पर सवाल।
- दीपक तिवारी ने निरीक्षण में उजागर की अनियमितताएं।
- निर्माण में घटिया सामग्री और असंतुलित अनुपात का आरोप।
- कार्यस्थल पर कोई विभागीय बोर्ड या शिलापट्ट नहीं।
- जूनियर इंजीनियर से संपर्क कर जांच की मांग।
- ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छेचा पंचायत के चपरी गांव के पास स्थित बोदे चेक डैम के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रखंड सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कई खामियों को उजागर किया, जिससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश का माहौल बन गया है। इस मामले ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां
सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने कार्यस्थल का निरीक्षण कर बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने पाया कि सीमेंट और बालू का अनुपात संतुलित नहीं है और बालू की मात्रा अत्यधिक इस्तेमाल की जा रही है। इसके अलावा, जंगरोधक सीमेंट का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे संरचना की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
कमजोर पत्थरों के उपयोग पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि डैम के गेट निर्माण में मृत और कमजोर पत्थरों का पुनः उपयोग किया जा रहा है। इससे भविष्य में डैम की स्थायित्व और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
बिना सूचना बोर्ड के चल रहा निर्माण कार्य
सबसे गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का विभागीय बोर्ड या शिलापट्ट नहीं लगाया गया है।
इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि निर्माण कार्य किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है और इसकी प्राक्कलित राशि कितनी है। स्थानीय ग्रामीणों को भी इस योजना की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
बिना शिलान्यास के शुरू हुआ कार्य
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिना किसी औपचारिक शिलान्यास के ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं था, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर और भी सवाल उठे।
अधिकारियों से की गई शिकायत
इस संबंध में दीपक तिवारी ने मौके से ही दूरभाष के माध्यम से संबंधित कनिय अभियंता (जूनियर इंजीनियर) से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
कनिय अभियंता ने आश्वासन दिया:
“मामले की जांच कराई जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
सांसद को भी दी जाएगी जानकारी
बताया गया कि इस पूरे मामले की जानकारी चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह को भी दी जाएगी, ताकि उच्च स्तर पर जांच सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों ने उठाई पारदर्शिता की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि चेक डैम की प्राक्कलित राशि और संबंधित विभाग की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।

न्यूज़ देखो: योजनाओं में पारदर्शिता क्यों जरूरी
बरवाडीह का यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए। क्या इस जांच से सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना ही असली जिम्मेदारी
समाज की भलाई के लिए जरूरी है कि हर नागरिक जागरूक रहे और गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाए। विकास योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनमें पारदर्शिता और ईमानदारी हो।
आइए, हम सभी मिलकर अपने क्षेत्र के विकास कार्यों पर नजर रखें और किसी भी अनियमितता को उजागर करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और पारदर्शिता की इस मुहिम में अपनी भागीदारी निभाएं।






