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जेएसएलपीएस महिला प्रशिक्षण में गंभीर अनियमितता का आरोप, प्रखंड प्रमुख के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप

#हुसैनाबाद #महिला_आजीविका : प्रशिक्षण केंद्र बंद मिलने पर बीपीएम पर फर्जीवाड़े और अवैध निकासी के आरोप।

पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत देवरीकला पंचायत के ग्राम कुसुआ में संचालित जेएसएलपीएस आजीविका महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम में गंभीर अनियमितता सामने आई है। शुक्रवार देर संध्या प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी के औचक निरीक्षण में चार दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह बंद पाया गया। इस दौरान विभागीय स्तर पर दी गई जानकारी और जमीनी हकीकत में विरोधाभास दिखा। मामले को लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत भेजे जाने की बात कही गई है।

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  • देवरीकला पंचायत के ग्राम कुसुआ में जेएसएलपीएस प्रशिक्षण केंद्र बंद मिला।
  • प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी ने किया औचक निरीक्षण।
  • बीपीएम अंजनी कुमार पर भ्रामक जानकारी देने का आरोप।
  • प्रशिक्षण के नाम पर फर्जी हाजिरी और अवैध निकासी का आरोप।
  • मामले की शिकायत उपायुक्त और डीडीसी से करने की घोषणा।

हुसैनाबाद प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की देर संध्या उस समय प्रशासनिक हलचल मच गई, जब प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी ने देवरीकला पंचायत अंतर्गत ग्राम कुसुआ में संचालित जेएसएलपीएस आजीविका महिला संकुल संगठन के चार दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह ताला बंद पाया गया, जबकि कागजों में प्रशिक्षण संचालित दिखाया जा रहा था।

बंद मिला प्रशिक्षण केंद्र, जवाब में असमंजस

प्रखंड प्रमुख द्वारा जब इस संबंध में विभागीय बीपीएम अंजनी कुमार से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने स्पष्ट उत्तर देने के बजाय गोलमोल जवाब दिया। बीपीएम ने यह दावा किया कि प्रशिक्षण केंद्र खुला है और प्रशिक्षण जारी है। हालांकि, उस समय प्रखंड प्रमुख स्वयं केंद्र के सामने मौजूद थीं, जिससे बीपीएम के दावे की पुष्टि मौके पर गलत साबित हुई।

इस स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रखंड प्रमुख ने बीपीएम की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी योजना के साथ सीधा खिलवाड़ है।

फर्जी हाजिरी और रिपोर्ट भेजने का आरोप

प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया कि प्रशिक्षण के नाम पर रोजाना फर्जी हाजिरी बनाई जा रही है और उसी आधार पर विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी आजीविका योजना को जानबूझकर विफल करने जैसा कृत्य है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“मैंने बोर्ड की बैठक में पहले ही सभी कर्मियों को आगाह किया था कि कार्य में कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद प्रशिक्षण केंद्र बंद रहना और कागजों में सब कुछ ठीक दिखाना गंभीर अपराध है।”

सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप

प्रखंड प्रमुख ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण केंद्र में 45 महिला प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाना निर्धारित है। प्रत्येक प्रतिभागी महिला पर प्रतिदिन 130 रुपये भोजन एवं अन्य सुविधाओं के लिए खर्च होना है। इसके अतिरिक्त दो प्रशिक्षकों के लिए प्रतिदिन 150-150 रुपये, कुल 300 रुपये का भुगतान निर्धारित है।

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उनका आरोप है कि:

  • प्रशिक्षण बंद रहने के बावजूद भुगतान दर्शाया जा रहा है।
  • सरकारी धन की अवैध निकासी और दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • यह न केवल सरकारी नियमों के विरुद्ध है, बल्कि पंचायतीराज बोर्ड और जनप्रतिनिधियों के साथ धोखाधड़ी भी है।

जिला प्रशासन से शिकायत की तैयारी

प्रखंड प्रमुख ने इस पूरे मामले की शिकायत जिला उपायुक्त एस. समीरा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामलों से सरकारी योजनाओं पर जनता का भरोसा उठ जाएगा।

उनका कहना था कि:

“यह मामला केवल एक सेंटर का नहीं है। यदि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाएंगी।”

बीपीएम का पक्ष

इस पूरे मामले पर जब बीपीएम अंजनी कुमार से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने बताया:

“मैं फिलहाल अपने निजी कार्य से बाहर हूं। यदि ऐसा कोई मामला सामने आया है, तो लौटने के बाद इसकी जांच करूंगा।”

हालांकि, बीपीएम के इस बयान से स्थानीय स्तर पर संतोषजनक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली।

ग्रामीणों और महिलाओं में नाराजगी

स्थानीय ग्रामीणों और महिला समूहों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि आजीविका जैसे कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हैं, लेकिन यदि प्रशिक्षण ही कागजों तक सीमित रहेगा, तो इसका लाभ कैसे मिलेगा।

न्यूज़ देखो: जवाबदेही तय होना जरूरी

यह मामला दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी कितनी आवश्यक है। प्रखंड प्रमुख का औचक निरीक्षण यह साबित करता है कि बिना सख्त निगरानी के सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक जिम्मेदारी तय होती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

योजनाएं तभी सफल होंगी जब जवाबदेही होगी

सरकारी योजनाओं की सफलता जनता और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
अनियमितताओं पर सवाल उठाना लोकतंत्र की ताकत है।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्या है, तो आवाज उठाएं।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता बढ़ाएं।

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Yashwant Kumar

हुसैनाबाद, पलामू

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