
#डुमरी #सामाजिक_विवाद : छोटा कटरा में परिवार ने धमकी और जुर्माना वसूली की शिकायत की।
गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के छोटा कटरा गांव में एक परिवार ने दबाव बनाकर जुर्माना वसूली और सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। आरोप है कि एक लाख रुपये की मांग और घर जलाने की धमकी दी गई। पुलिस से कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।
- छोटा कटरा, डुमरी में परिवार को धमकी और बहिष्कार का मामला।
- आरोपियों ने मांगा 1 लाख रुपये जुर्माना।
- पैसे नहीं देने पर घर जलाने की धमकी।
- पीड़ितों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा।
- कई ग्रामीणों को आरोपी बनाया गया।
- पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग।
गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के छोटा कटरा गांव में एक गंभीर सामाजिक विवाद सामने आया है, जहां एक परिवार को कथित तौर पर धमकाकर नाजायज तरीके से जुर्माना वसूलने और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
एसपी को सौंपा गया ज्ञापन
पीड़ित पक्ष की ओर से फेलो देवी, प्रतिमा भगत, मंजय उरांव, निकुंज बाखला, जदुवा बाखला, दर्शन उरांव ने सामूहिक रूप से एसपी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उन पर अवैध रूप से जुर्माना देने का दबाव बनाया जा रहा है।
एक लाख रुपये जुर्माना और धमकी का आरोप
पीड़ितों के अनुसार, 6 मार्च को गांव के ही कुछ लोग उनके घर पहुंचे और कहा कि यदि उन्हें गांव में रहना है तो एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
पीड़ितों ने बताया: “हमसे कहा गया कि पैसे नहीं देने पर गांव छोड़ना होगा, नहीं तो घर में आग लगा दी जाएगी।”
इस तरह की धमकियों से पूरा परिवार दहशत में है।
जमीन विवाद से जुड़ा मामला
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई थी।
इस मामले में उपायुक्त के संज्ञान में आने के बाद जमीन को आरोपियों से मुक्त कराया गया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने यह कदम उठाया।
सामाजिक बहिष्कार का भी आरोप
पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने गांव में बैठक कर यह निर्णय लिया है कि जो भी व्यक्ति पीड़ित परिवार से बातचीत करेगा या उनके सुख-दुख में शामिल होगा, उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
इस फैसले के कारण परिवार पूरी तरह सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गया है।
कई लोगों पर लगाए गए आरोप
इस मामले में पीड़ितों ने गांव के सुनील उरांव, विजय लकड़ा, बिरदास उरांव, चैता उरांव, नीरज मिंज, प्रेमा देवी, रूपानी देवी, जगजीवन भगत, नारायण रजक, हीरो देवी, धंजय उरांव और सोहन उरांव को आरोपी बनाया है।
पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
उन्होंने यह भी कहा कि थाना जाने पर भी उन्हें घर जलाने की धमकी दी जा रही है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
न्यूज़ देखो: कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर बड़ा सवाल
डुमरी का यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक दबाव और कानून व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है। किसी भी परिवार को इस तरह धमकाना और बहिष्कृत करना गंभीर अपराध है, जिस पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से पीड़ितों को न्याय दिलाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं
डर के आगे चुप्पी नहीं, बल्कि न्याय के लिए आवाज जरूरी है।
समाज में किसी के साथ गलत हो तो उसका विरोध करना हमारी जिम्मेदारी है।
एकजुट होकर ही हम ऐसे अन्याय को रोक सकते हैं।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाकर न्याय की इस लड़ाई में सहयोग करें।






