
#गढ़वा #शिक्षा_उपलब्धि : गौतम नगर निवासी आलोक शुक्ला के रेलवे चयन से परिवार और क्षेत्र गौरवान्वित।
गढ़वा शहर के चिनियां रोड स्थित गौतम नगर निवासी आलोक कुमार शुक्ला का साउथ ईस्टर्न रेलवे रांची में जूनियर इंजीनियर पद पर चयन हुआ है। यह सफलता उन्होंने उच्च शिक्षा के दौरान कड़ी मेहनत और अनुशासन से हासिल की। चयन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनकर सामने आई है।
- साउथ ईस्टर्न रेलवे रांची में जूनियर इंजीनियर पद पर चयन।
- गढ़वा के गौतम नगर में खुशी और बधाइयों का माहौल।
- मूल निवासी सेमरी कला, विश्रामपुर, पलामू।
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक और एम-टेक, पीएचडी के दौरान मिली सफलता।
- चयन के बाद खड़गपुर, उड़ीसा में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए।
गढ़वा जिले के लिए यह एक गर्व का क्षण है, जब शहर के गौतम नगर निवासी एक होनहार युवक ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर रेलवे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में स्थान बनाया है। आलोक कुमार शुक्ला के साउथ ईस्टर्न रेलवे रांची में जूनियर इंजीनियर पद पर चयन की खबर सामने आते ही उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार के साथ-साथ मोहल्ले और रिश्तेदारों में भी उत्साह का माहौल देखा गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और क्षेत्र से जुड़ाव
आलोक कुमार शुक्ला, गढ़वा शहर के चिनियां रोड स्थित गौतम नगर निवासी नारद शुक्ला के भतीजे हैं। वहीं उनके पिता सुरेंद्र नाथ शुक्ला हैं। मूल रूप से आलोक पलामू जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नौगढ़ा पंचायत के सेमरी कला गांव के निवासी हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं तक का उनका सफर आज युवाओं के लिए मिसाल बन गया है।
परिवारजनों का कहना है कि आलोक शुरू से ही पढ़ाई में अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया।
शिक्षा का सफर: स्कूल से उच्च शिक्षा तक
आलोक की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के परासी स्थित डीएवी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने मैट्रिक तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीना, उत्तर प्रदेश से 12वीं विज्ञान की पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए आलोक ने आईईसी कॉलेज, ग्रेटर नोएडा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एनआईएफटी हटिया, रांची से एम-टेक की पढ़ाई पूरी की।
शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि यहीं नहीं रुकी। वे आगे आईआईटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रेलवे की प्रतियोगी परीक्षा दी और सफलता हासिल कर ली।
रेलवे में चयन और प्रशिक्षण
साउथ ईस्टर्न रेलवे में जूनियर इंजीनियर के पद पर चयन के बाद आलोक को उड़ीसा के खड़गपुर में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। प्रशिक्षण के बाद वे रेलवे के तकनीकी कार्यों में अपनी सेवाएं देंगे।
रेलवे में उनका चयन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गढ़वा और पलामू क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। क्षेत्र के शिक्षाविदों और सामाजिक लोगों ने इसे मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम बताया है।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
आलोक की सफलता पर उनके स्वजनों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और त्याग का परिणाम है। परिजनों का मानना है कि आलोक ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी यदि सही दिशा में प्रयास करें तो राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
गौतम नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। कई लोगों ने आलोक को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
न्यूज़ देखो: मेहनत और शिक्षा की ताकत का उदाहरण
आलोक कुमार शुक्ला की सफलता यह दर्शाती है कि निरंतर अध्ययन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और सही मार्गदर्शन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। यह खबर गढ़वा और पलामू जैसे जिलों के युवाओं को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देती है। प्रशासन और समाज को ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को पंख दें, शिक्षा को बनाएं अपनी ताकत
आलोक शुक्ला की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है। शिक्षा और मेहनत के दम पर कोई भी मंजिल दूर नहीं। यदि आप भी ऐसी सकारात्मक खबरों से प्रेरित होते हैं, तो अपनी राय साझा करें। इस खबर को दोस्तों और युवाओं तक पहुंचाएं, ताकि और भी सपने साकार हो सकें।





