
#कुरडेग #दुर्घटना : करमडीह गांव में बैर तोड़ते समय पेड़ से गिरा बच्चा, समय पर मिला उपचार।
कुरडेग प्रखंड के करमडीह ग्राम में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्चा पेड़ से गिरकर घायल हो गया। घटना उस समय हुई जब बच्चा बैर तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा था और संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए तथा बच्चे को कुरडेग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर उपचार कराया गया। समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है।
- कुरडेग प्रखंड के करमडीह गांव में हुआ हादसा।
- तेजकुमार साय का आठ वर्षीय पुत्र बैर तोड़ते समय पेड़ से गिरा।
- संतुलन बिगड़ने से नीचे गिरने पर बच्चा घायल हुआ।
- संतोष गुप्ता की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज।
- विधायक प्रतिनिधि दीपक जयसवाल, उत्तम कुमार सिंह, डबलू दास रहे मौजूद।
कुरडेग प्रखंड अंतर्गत करमडीह ग्राम में गुरुवार को एक मासूम बच्चे के साथ हुई दुर्घटना ने पूरे गांव को चिंतित कर दिया। जानकारी के अनुसार तेजकुमार साय का आठ वर्षीय पुत्र घर के आसपास बैर तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर पेड़ से नीचे गिर पड़ा। गिरने के कारण बच्चे को गंभीर चोटें आईं, जिससे परिजन और ग्रामीण घबरा गए।
कैसे हुआ हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चा रोजमर्रा की तरह पेड़ पर चढ़ा था, लेकिन ऊंचाई अधिक होने और पकड़ कमजोर पड़ने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका। अचानक नीचे गिरने से उसे हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुए सामाजिक कार्यकर्ता
घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता संतोष गुप्ता तुरंत सक्रिय हुए और बच्चे को इलाज के लिए कुरडेग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों को भी इस हादसे की जानकारी दी, ताकि इलाज में किसी तरह की कमी न रह जाए।
सूचना पर विधायक प्रतिनिधि दीपक जयसवाल, उत्तम कुमार सिंह और डबलू दास भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चे के इलाज की पूरी व्यवस्था कराई। उनकी मौजूदगी से परिजनों को मानसिक संबल मिला और इलाज की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हो सकी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार
कुरडेग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की टीम ने घायल बच्चे का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों ने आवश्यक जांच के बाद बताया कि बच्चे को गंभीर चोट तो आई है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी स्थिति नियंत्रण में है। आवश्यकता अनुसार दवाइयां और देखरेख की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद कर्मियों ने भी तत्परता दिखाते हुए इलाज में कोई देरी नहीं होने दी। परिजनों ने डॉक्टरों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
ग्रामीणों में चिंता और जागरूकता की जरूरत
इस घटना के बाद गांव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर बच्चे फल तोड़ने या खेलते समय पेड़ों पर चढ़ जाते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अकेले ऊंचे पेड़ों पर चढ़ने से रोकें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। साथ ही, पंचायत स्तर पर भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग उठी है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका सराहनीय
घटना के बाद जिस तरह से जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाई, उसकी ग्रामीणों ने सराहना की। विधायक प्रतिनिधि दीपक जयसवाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित सहायता ही जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल इलाज मिल सके।
न्यूज़ देखो: समय पर मदद से टली बड़ी अनहोनी
करमडीह गांव की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा और आपात स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को उजागर करती है। समय पर सूचना और सक्रियता के कारण बच्चे को तुरंत इलाज मिल सका, जिससे उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। यह प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। आगे आवश्यकता है कि ऐसे हादसों से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि मासूम बच्चों की छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। अभिभावकों, समाज और प्रशासन सभी को मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना होगा। जागरूकता, सतर्कता और समय पर मदद ही ऐसी घटनाओं को गंभीर होने से रोक सकती है।







