महुआ चुनने गए बुजुर्ग पर जंगली हाथी का हमला, चैनपुर में गंभीर रूप से घायल, वन विभाग ने दी तत्काल सहायता

महुआ चुनने गए बुजुर्ग पर जंगली हाथी का हमला, चैनपुर में गंभीर रूप से घायल, वन विभाग ने दी तत्काल सहायता

author Aditya Kumar
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#चैनपुर #हाथी_हमला : बुकमा गांव में महुआ चुनने गए बुजुर्ग पर हाथी ने किया हमला, इलाज जारी।

चैनपुर प्रखंड के कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। महुआ चुनने गए 70 वर्षीय व्यक्ति पर सुबह हाथी ने हमला कर दिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और तत्काल सहायता राशि दी। क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

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  • सदान बुकमा गांव में 70 वर्षीय महिपाल लोहरा पर हाथी का हमला।
  • सुबह करीब 7 बजे महुआ चुनने के दौरान हुआ हादसा।
  • घायल को सीएचसी चैनपुर से सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया।
  • वन विभाग ने 10,000 रुपये की त्वरित सहायता प्रदान की।
  • लंबे समय से क्षेत्र में हाथियों का आतंक बना हुआ है।
  • ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।

चैनपुर प्रखंड के कुरूमगाड़ वन क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के सदान बुकमा गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब बुजुर्ग महुआ चुनने के लिए गांव के समीप जंगल क्षेत्र में गए थे। अचानक हुए इस हमले से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

महुआ चुनने के दौरान हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल महिपाल लोहरा (70 वर्ष), पिता गांदुरा लोहरा बुधवार सुबह करीब 7 बजे गांव के पास स्थित मिर्ची टंगरा क्षेत्र में महुआ चुनने गए थे। इसी दौरान जंगल में मौजूद एक जंगली हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया।

हाथी के हमले से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

वन विभाग की तत्परता, अस्पताल पहुंचाया गया घायल

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग के कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से घायल बुजुर्ग को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

परिजनों को दी गई तत्काल आर्थिक सहायता

वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल के परिजनों को इलाज के लिए 10,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष मुआवजा राशि भी नियमानुसार दी जाएगी।

यह कदम राहत देने वाला जरूर है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है।

हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीण

चैनपुर प्रखंड का बुकमा क्षेत्र लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से प्रभावित रहा है। आए दिन हाथियों के हमले और फसल नुकसान की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।

न्यूज़ देखो: बढ़ता मानव-हाथी संघर्ष, समाधान की जरूरत

बुकमा गांव की यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है। हर बार घटना के बाद राहत राशि देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की जरूरत है। वन विभाग को निगरानी, चेतावनी प्रणाली और सुरक्षित जोन बनाने पर ध्यान देना चाहिए। क्या आने वाले समय में इस समस्या का ठोस समाधान निकलेगा, यह बड़ा सवाल है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और आवाज उठाएं

ऐसी घटनाएं हमें सावधानी और जागरूकता की अहमियत समझाती हैं। जंगल या वन क्षेत्र के आसपास जाते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को भी चाहिए कि वे समय रहते ठोस कदम उठाएं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

आप भी अपने क्षेत्र में हो रही समस्याओं के प्रति जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाएं।

अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और दूसरों को भी सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें।

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Written by

डुमरी, गुमला

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